शिव बारात से पहले आयोजित भजन संध्या में प्रदेश के नामचीन कलाकार देंगे प्रस्तुति
आज मंगलवार को होगा परंपरागत खन मिट्टी का आयोजन

बैतूल। आगामी 15 फरवरी को महाकाल चौक कोठी बाजार से निकलने वाली देवाधिदेव बाबा महाकाल की भव्य शिव बारात को लेकर बैतूल नगर पूरी तरह शिवमय हो चुका है। बारात से ठीक एक दिन पहले नगर में भक्ति संगीत की ऐसी संध्या आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश के सुप्रसिद्ध कलाकार बाबा महाकाल के चरणों में ऑडियो-वीडियो माध्यम से अपनी प्रस्तुति देकर माहौल को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग देंगे।
शिव बारात समिति के सागर महाराज करकरे ने बताया कि बाबा महाकाल की बारात की पूर्व संध्या पर बैतूल जिले का सुप्रसिद्ध संगीत समूह विशेष प्रस्तुति देगा। इस अवसर पर छिंदवाड़ा जिले के सुप्रसिद्ध भजन गायक सुनील सत्यार्थी ऑडियो-वीडियो, बाबा महाकाल को समर्पित भजनों की प्रस्तुति देंगे।
– सिवनी जिले के कलाकार भी देंगे भक्ति प्रस्तुति
सागर महाराज करकरे ने बताया कि भजन संध्या में सिवनी जिले की सुप्रसिद्ध ऑडियो-वीडियो सिंगर सुन महादेवा फेम ममता सत्यार्थी एवं चंचल यादव भी बाबा महाकाल के भजनों की प्रस्तुति देंगी, जिससे आयोजन में भक्तिरस और उत्साह और अधिक बढ़ेगा।
समिति के अनुसार संपूर्ण संगीतमय कार्यक्रम का संगीत संयोजन सुप्रसिद्ध ऑर्गन प्लेयर अभिषेक राजपूत एवं अंकित सरनेकर अपनी टीम के साथ करेंगे। समिति का कहना है कि इस संयोजन से भजन संध्या को प्रभावशाली और यादगार स्वरूप मिलेगा।
– आज केदारनाथ की खन मिट्टी का आयोजन
शिव बारात समिति के पंकज राठौर ने जानकारी दी कि मंगलवार को शाम 4 बजे परंपरागत खन मिट्टी का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की जिम्मेदारी माधुरी नामदेव, वर्षा दुबे, मनीषा देशमुख, आयुषी नामदेव, नीता वराठे, सोनल पाटिल, मुस्कान घोड़की, पल्लवी पाल, सुधा देशमुख, निर्मला यादव, नंदिनी, रीता दत्ता, कशिश तातेड़ और मिश्रा दीदी को सौंपी गई है।
– प्रतिदिन हो रहा महाकाल का श्रृंगार
समिति के अनुसार महाकाल मंदिर में विराजित शिवलिंग का प्रतिदिन परंपरागत विधि-विधान से श्रृंगार सुप्रसिद्ध मूर्ति कलाकार सुनील प्रजापति द्वारा किया जा रहा है।
सात दिवसीय शिव विवाह उत्सव के अंतर्गत ज्योतिर्लिंगों के नाम से परंपरागत आयोजनों की श्रृंखला जारी है। 15 फरवरी तक क्रमशः भीमाशंकर का मंडप सजाया जाएगा, काशी विश्वनाथ की हल्दी की रस्म संपन्न होगी, त्र्यंबकेश्वर की मेहंदी आयोजित की जाएगी तथा रामेश्वरम् के नाम से संगीतमय कार्यक्रम होगा।




