बैतूल में कांग्रेस का संगठनात्मक शंखनाद, मध्यप्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी की बैठक में तय हुआ रोडमैप
मतदाता सूची से मेडिकल कॉलेज तक कांग्रेस ने किया एनालिसिस

कार्यकर्ताओं को मिले स्पष्ट निर्देश, आने वाले समय की रणनीति हुई तय
नेताओं ने रखी बेबाक राय, जनता के हक पर नहीं होगा समझौता
बैतूल। कांग्रेस की राजनीति में बैतूल चर्चा का केंद्र बन गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव और मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की सह-प्रभारी श्रीमती ऊषा नायडू के नेतृत्व में हुई मैराथन बैठक ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए। सवाल मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का भी था और सवाल मनरेगा के मूल स्वरूप में हुए बदलाव का भी। सवाल पीपीपी मोड के मेडिकल कॉलेज का भी था और सवाल संगठनात्मक नियुक्तियों का भी। कुल मिलाकर शनिवार का दिन कांग्रेस के लिए समीक्षा, रणनीति और संघर्ष की दिशा तय करने वाला साबित हुआ।
– मतदाता सूची पर गहन पड़ताल

बैठक की शुरुआत विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण सूची में दावे और आपत्तियों को लेकर हुई विस्तृत चर्चा से हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में जुड़े और किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना कारण न कटे। इस प्रक्रिया पर बूथ स्तर तक निगरानी रखने का निर्णय लिया गया।
अगला बड़ा मुद्दा वही था, जिसने देशभर में बहस छेड़ रखी है। लोकसभा और राज्यसभा में मनरेगा के मूल स्वरूप में बदलाव से जुड़ा प्रस्ताव पारित हुआ और उसे नई अवधारणा की ओर मोड़ने की कोशिश बताई जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और सम्मान का आधार रहा है। बैठक में यह बात उभरकर सामने आई कि यदि इसके मूल ढांचे के साथ छेड़छाड़ हुई तो यह ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों की आजीविका पर कुठाराघात होगा। इस विषय पर विस्तृत विश्लेषण किया गया और इसे जनता के अधिकारों से जोड़कर देखा गया।
– पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज का विरोध

बैठक का तीसरा बड़ा मुद्दा बैतूल जिले में घोषित पीपीपी मोड के मेडिकल कॉलेज का था। चर्चा के दौरान यह सवाल उठा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी का यह मॉडल अंततः आम जनता के हित में कितना कारगर रहेगा। नेताओं ने आशंका जताई कि इससे चिकित्सा शिक्षा महंगी होगी और इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर जा सकता है। निर्णय लिया गया कि इसके विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी और जनता के बीच जाकर तथ्य रखे जाएंगे।
– संगठनात्मक नियुक्तियों पर मंथन

बैठक का चौथा अहम बिंदु संगठन को मजबूत करने से जुड़ा था। सभी मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठों, विभागों की जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह साफ संकेत था कि कांग्रेस अब बैतूल जिले में अपने ढांचे को नई ऊर्जा देने के मूड में है। जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ नए चेहरे और अनुभव दोनों को संतुलित करने का विचार सामने आया।
– जागरूक है बैतूल की जनता

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की सह-प्रभारी श्रीमती ऊषा नायडू ने कहा कि बैतूल संगठन की धरती संघर्षशील है और यहां की जनता जागरूक है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से लेकर मनरेगा और मेडिकल कॉलेज तक हर मुद्दा सीधे जनता के हक से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों पर किसी भी प्रकार के समझौते के खिलाफ है और सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
जिला कांग्रेस कमेटी बैतूल के अध्यक्ष निलय डागा ने कहा कि यह बैठक संगठन के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस का हर कार्यकर्ता गंभीर है और कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। निलय डागा ने यह भी कहा कि पीपीपी मोड का मेडिकल कॉलेज जनता के साथ अन्याय है और इसका विरोध पूरी मजबूती से किया जाएगा।
– मनरेगा के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुखदेव पांसे ने तीखे शब्दों में कहा कि मनरेगा के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करना ग्रामीण मजदूरों की पीड़ा को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी और सच सामने रखेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के मसले पर भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं व्यापार नहीं बन सकतीं।
– जनता के मुद्दों पर सीधी लड़ाई ही कांग्रेस की पहचान
जिला प्रभारी सुनील उइके ने कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब कार्यकर्ताओं का सम्मान और सही जगह पर उचित नियुक्ति हो। उन्होंने कहा कि ब्लॉक और जिला स्तर पर होने वाली नियुक्तियां नए उत्साह के साथ कांग्रेस को आने वाले समय में मजबूत बनाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता के मुद्दों पर सीधी लड़ाई ही कांग्रेस की पहचान है।
– बैठक में यह रहे शामिल

बैठक में प्रभारी सह सचिव उषा नायडू, भोपाल के पार्षद अमित शर्मा, जिला प्रभारी व आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक सुनिल उइके प्रदेश संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, बैतूल विधानसभा प्रभारी गोपाल कृष्ण शर्मा, सुभाष देशमुख, आमला विधानसभा प्रभारी समीर खान, भैसदेही विधानसभा प्रभारी गोंविद व्यास, नारायण राव धोटे, मुलताई विधानसभा प्रभारी आनंद राजपूत, रामू टेकाम, घोड़ाडोंगरी विधानसभा प्रभारी हर्षवर्धन बघेल, लवलेश बब्बा राठौर, पूर्व विधायक डॉ.पी.आर.बोड़खे, धरमू सिंह सिरसाम, ब्रम्हा भलावी, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धिक पटेल, प्रदेश प्रतिनिधि संजय यादव, मनोज आर्य, तिरूपति एरूलू, नत्थू पोटे, मनोज मालवे, राहूल उईके, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र देशमुख, सेवादल जिलाध्यक्ष अनुराग मिश्रा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मोनिका निरापुरे, पुष्पा पेंद्राम, जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष संजय सरदार यादव, जिलाध्यक्ष किसान कांग्रेस जगदीश गोचरे, जिलाध्यक्ष आदिवासी कांग्रेस पंजाब आहके, जिलाध्यक्ष पंचायती राज संगठन महेन्द्र भारती, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक आबिद खान, जिलाध्यक्ष आदिवासी विकास परिषद मुन्नालाल वाडिवा, ब्लॉक प्रभारी अजित पटेल, राहुल पटेल, हर्षवर्धन धोटे, धर्मेन्द्र गोलू खाकरे सुभाष यादव, लोकेश पगारिया, विजय पारधी, जनप्रतिनिधि गण में सारिका ज्ञानदेव माथनकर, महेश थोटेकर, सोनू हरप्रित खनूजा, नीतिन गाडरे, किशोर माथनकर, नेहा रूपेश आर्य, मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रभारी हेमंत पगारिया, नितेश साहू, अंकित सूर्यवंशी, मोनू वाघ, डॉ. रमेश काकोडि़या, राहूल छत्रपाल, पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय संयोजक ब्रजभूषण पांडे, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कालू आहूजा, राजकुमार चौबे, पंकज वंजारे, अरूण यादव, भूतासिंह वाडिवा, मिश्रीलाल धाकड़, किशोर चौहान, मनोज देशमुख, नरेन्द्र मेहतो, मणि मंडल, विजय आर्य, नेकराम यादव, चुन्नीलाल यादव, राजकुमार मर्सकोले, रानू ठाकुर, किशोरसिंह परिहार,सुनिल जेधे, युवक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव जितेन्द्र इवने, मोनू बडोनिया, प्रशांत राजपूत, अक्कू पटेल, विक्की सिंह, शांतिलाल पाल, बटेश्वर भारती, शंकर गायकवाड़, अशोक अड़लक, प्रशांत वागद्रे, सियाराम यादव, रामा काकोडि़या, अनिल आर्य, दिनेश नागले, अनिल भुसारी, सोनू जैसवाल, भूपेन्द्र आर्य, प्रवीण आर्य, अमित जैसवाल, जित्तू साहू, योगेश साहू, गोपाल आजाद, मेवलसिंह इवने, अनिल झल्लारे, अजय सोलंकी, महेश यादव, सुरेश कोसे, प्रेरणा शर्मा, सुशीला तिवारी, सुधा मायवाड़, खुशबू अतुलकर, वर्षा पवांर, गंगा आहके, पूजा अतुलकर, डॉ.दिनेश दवंडे, अर्जुन वामनकर, सुखदेव घानेकर, नंदिनी तिवारी, खुशहाल भागबोले, चेतन आर्य, नामदेव यादव, शंकर उईके, गणेश भरतपुरे, राघोजी यादव, नकलसिंह सहित सैकड़ों, कार्यकर्ता, उपस्थित थे।





