
बैतूल। मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने एक बार फिर से जनता को छलावा भरा बजट दिया है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष जैद खान ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह बजट नहीं, मध्यप्रदेश को कर्ज और भ्रष्टाचार में डुबोने का दस्तावेज है। इसमें विकास की कोई ठोस योजना नहीं है, इसे कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार को संस्थागत करने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में प्रदेश पर कर्ज का बोझ और बढ़ा दिया है। पहले से ही मध्यप्रदेश भारी कर्ज में डूबा हुआ है, लेकिन सरकार को सिर्फ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की चिंता है। यह पैसा जनता की भलाई में लगने के बजाय भाजपा नेताओं और ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।
सरकार ने बजट में 3 लाख नौकरियों का वादा किया है, लेकिन सच्चाई यह है कि सरकारी विभागों में हजारों पद खाली पड़े हैं। हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरियों की उम्मीद लगाए बैठते हैं, लेकिन सरकार की नीयत ही नहीं है कि वे भर्ती करें। यह वही झूठा वादा है, जो हर बजट में किया जाता है, लेकिन कभी पूरा नहीं होता।
सरकार ने दावा किया कि एमबीबीएस की 400 सीटें बढ़ाई जाएंगी और 11 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहले से ही संसाधनों की भारी कमी है। व्यापमं घोटाले के बाद प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई है। सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए मरीजों को दर-दर भटकना पड़ता है, लेकिन सरकार सिर्फ खोखली घोषणाएं कर रही है।
चुनाव से पहले भाजपा सरकार ने प्रदेश की लाड़ली बहनों से 3000 प्रतिमाह देने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आते ही सरकार अपने वादे से मुकर गई और 1250 रु देकर ही बहनों को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, इस योजना में शामिल 4 लाख से अधिक महिलाओं के नाम भी काट दिए गए हैं।
सरकार ने बजट में अगले 5 वर्षों में 1 लाख किलोमीटर सड़कें बनाने और 500 रेलवे ओवर ब्रिज तथा फ्लाईओवर बनाने की बात कही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीण इलाकों में सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार हो रहा है। कागजों में सड़कें बन रही हैं और कमीशनखोरी के चलते बनी हुई सड़कों को भी कागजों में ही मरम्मत कर दी जा रही है।
किसानों को भी इस बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। प्रदेश में 3000 प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 प्रति क्विंटल धान और 6000 प्रति क्विंटल सोयाबीन के दाम की जरूरत है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
फसल बीमा योजना और सीएम किसान कल्याण योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं। किसान लगातार कर्ज में डूब रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं है। जैद खान ने कहा कि यह बजट भ्रष्टाचार को बढ़ाने के लिए लाया गया है। इसमें आम जनता, किसान, युवा और महिलाएं पूरी तरह से ठगे गए हैं। कांग्रेस इस जनविरोधी सरकार के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जनता की आवाज बुलंद करेगी।
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