Government construction on private land: निजी जमीन पर हो रहा सरकारी निर्माण
जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही शिकायत का भी नहीं हो रहा असर

पार्षद ने नगर परिषद चिचोली के खिलाफ लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ पर लगे गंभीर आरोप
नियमों को ताक पर रखकर सरकारी राशि का दुरुपयोग, निष्पक्ष जांच की मांग
बैतूल। नगर परिषद चिचोली के फर्जीवाड़े की परत दर परत पार्षद द्वारा खोले जाने के बावजूद प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। पूर्व में जनसुनवाई में की गई शिकायत के बावजूद कार्यवाही नहीं होने के चलते चिचोली के वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद नेहा रुपेश आर्य ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कि चिचोली में निजी जमीन पर सरकारी निर्माण कार्य चल रहा है। नगर परिषद के अध्यक्ष और सीएमओ की जुगलबंदी से भ्रष्टाचार चरम पर है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों द्वारा शिकायत करने का भी कोई असर नहीं हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि नगर परिषद द्वारा लक्ष्मीबाई वार्ड क्रमांक 9 में निजी जमीन पर आरसीसी सड़क और ह्युमपाईप ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जा रहा है, जो पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। इस मामले में नगर परिषद अध्यक्ष, सीएमओ और उपयंत्री की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। नेहा आर्य ने बताया कि यह मामला पहली बार 7 जनवरी 2025 को जनसुनवाई में उठाया गया था। इसके बावजूद 14 जनवरी तक इस गंभीर विषय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इसे नगर परिषद चिचोली में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया। पार्षद ने स्पष्ट किया कि यह जमीन नगर परिषद अध्यक्ष के परिवार की है, जहां प्लॉटिंग की जा रही है। इसी जमीन के बीच में सड़क और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।
– निजी जमीन पर कैसे मिली तकनीकी स्वीकृति?
पार्षद नेहा आर्य ने सवाल उठाया कि निजी जमीन पर निर्माण कार्य के लिए तकनीकी स्वीकृति कैसे दी गई। उन्होंने कहा कि इस निर्माण के लिए पीआईसी द्वारा प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा है, उसके दस्तावेजों का अवलोकन क्यों नहीं किया गया।
– नगर परिषद पर गंभीर आरोप, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पार्षद ने बताया कि यह निर्माण कार्य नगर परिषद अध्यक्ष, सीएमओ और उपयंत्री की मिलीभगत से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट उदाहरण है। नेहा आर्य ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि निजी जमीन पर किए गए इस निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर वसूली की जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय राशि का इस प्रकार दुरुपयोग करना निंदनीय है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पार्षद ने इस प्रकरण की शिकायत नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग नर्मदापुरम संभाग, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल, और जिला शहरी विकास प्राधिकरण बैतूल के परियोजना अधिकारी को भी की है।





