Betul News: कलेक्टर साहब, मंडी में बार-बार निरीक्षण करने से कुछ नहीं होगा, ठोस उपाय की है जरूरत
मंडी में हर कदम पर अव्यवस्थाओं का ढेर

Betul News : बैतूल। बडोरा में स्थित कृषि उपज मंडी में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह कोई नई बात नहीं है । जब भी मंडी में किसान उपज लेकर पहुंचते हैं उन्हें गेट से लेकर तौल होने तक शोषण का शिकार होना ही पड़ता है ।
बैतूल के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने अपना पदभार ग्रहण करने के बाद जिस तरह से मंडी का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं को जानने का प्रयास किया था उससे या लग रहा था कि उनके द्वारा किसानों की परेशानी दूर की जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
मंडी में मंडी में हर कदम पर किसान परेशान हो रहा है और मंडी के भार साधक अधिकारी एसडीएम बैतूल, मंडी सचिव समेत अन्य अधिकारी आंखें बंद किए बैठे हैं।
रविवार रात में कलेक्टर ने एक बार फिर मंडी में निरीक्षण करने की जहमत उठाई। मंडी में रात्रि में गेट बंद रखे जाने की व्यवस्था पूर्व से बनी हुई है, लेकिन कलेक्टर ने उसे रात में खुलवाया और वाहनों को भीतर प्रवेश करा दिया। अब किसान कलेक्टर से यह पूछ रहे हैं कि मंडी में रात में भी गेट खुले रहेंगे या जब आप निरीक्षण करने आयेंगे तब किसानों के वाहनों को गेट खोलकर भीतर प्रवेश दिया जाएगा।
मंडी में मौजूद किसानों ने कलेक्टर को अन्य समस्याएं भी बताएं। कलेक्टर ने निरीक्षण तो कर लिया लेकिन इससे क्या बदलाव आएगा इसे लेकर किसने को संदेह है । पहले भी कलेक्टर निरीक्षण करने मंडी पहुंचे थे और तमाम निर्देश दिए थे। मंडी प्रबंधन ने एक कान से सुनकर दूसरे से बाहर निकलने का काम किया और निर्देश देने के बाद कलेक्टर ने भी कभी पलट कर नहीं देखा कि उनका पालन हुआ अथवा नहीं।
मवेशी खा रहे उपज
कृषि उपज मंडी बडोरा में सुरक्षा के लिए लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन मंडी प्रबंधन इनका उपयोग कहां कर रहा है इसका कोई हिसाब किताब नहीं है। मंडी के गार्ड कहां सेवा दे रहे हैं यदि इसकी पड़ताल कलेक्टर कर लें तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी।मंडी में उपज के ढेर लगाकर नीलामी का इंतजार करने वाले किसान मवेशियों के आतंक से परेशान होते हैं। उपज के ढेर पर मवेशियों का झुंड पहुंच जाता है और उसे खाते रहता है। शनिवार को दिनभर मंडी में मक्का के ढेर पर मवेशियों का जमघट लगा रहा लेकिन एक भी सुरक्षाकर्मी नजर नहीं आया।




