Betul news: बालाजी इंस्टिट्यूट के विद्यार्थियों ने बनाया ऑटोमेटिक नॉइस मॉनिटरिंग सिस्टम, दिल्ली में मिला सम्मान

बैतूल। श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंजीनियरिंग विभाग के चार विद्यार्थियों चिन्मय जोशी, दीक्षा वरवड़े, रजनी हार्ले और हार्दिक सूर्यवंशी ने राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन विद्यार्थियों ने अपने विभागाध्यक्ष डॉ. धिरेन्द्र देवडे के मार्गदर्शन में ऑटोमेटिक नॉइस लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम यूजिंग रास्पबेरी पाई प्रोजेक्ट बनाया था, जो वातावरण में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहायक है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थियों ने ध्वनि प्रदूषण की निगरानी करने के लिए एक स्मार्ट सिस्टम विकसित किया, जो अत्यधिक ध्वनि को पहचान कर उसे नियंत्रित कर सकता है।
दिल्ली में आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम विलास गोयल की उपस्थिति में सभी विद्यार्थियों और उनके मार्गदर्शक प्राध्यापक को सम्मानित किया गया। इस प्रोजेक्ट के सफल नेतृत्व के लिए महाविद्यालय के प्रोफेसर निलेश मिश्रा ने छात्र दल का मार्गदर्शन किया, जिससे यह प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस बड़ी उपलब्धि पर श्री बालाजी इंस्टिट्यूट के प्राचार्य डॉक्टर पी.जे. शाह और डायरेक्टर ऋषिराज सिंह परिहार ने सभी विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को बधाई देते हुए उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है और इस प्रकार के इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से छात्रों को अपनी तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है, उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का भी मौका मिलता है।
अपनी इस सफलता के पीछे विद्यार्थियों ने अपने प्राचार्य डॉक्टर पी.जे. शाह और विभागाध्यक्ष धिरेन्द्र देवडे का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि उनके सहयोग और प्रेरणा के बिना यह सफलता प्राप्त करना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि संस्थान में उन्हें हर प्रकार का सहयोग मिला, जिससे उन्हें अपनी परियोजना को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने का मौका मिला।
ऑटोमेटिक नॉइस मॉनिटरिंग सिस्टम – ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण का प्रयास
विद्यार्थियों द्वारा विकसित ऑटोमेटिक नॉइस मॉनिटरिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य वातावरण में फैलते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। यह सिस्टम रास्पबेरी पाई के उपयोग से बनाया गया है, जो ध्वनि के स्तर को मापता है और तय सीमा से अधिक ध्वनि होने पर अलार्म या अन्य उपायों से उसे नियंत्रित करने की दिशा में काम करता है। विद्यार्थियों ने बताया कि इस तकनीक का उपयोग विशेषकर शहरी इलाकों और उद्योगों में किया जा सकता है, जहां ध्वनि प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय स्तर पर बालाजी इंस्टिट्यूट का नाम रोशन
इस प्रतियोगिता में मिली इस सफलता से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, इससे श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर उजागर हुआ है। इस परियोजना के जरिए संस्थान ने दिखा दिया है कि वह उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ छात्रों के समग्र विकास और उनके इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है।




