Betul news: बरसात में रास्ते की हालत हुई बदतर, गारगुड के ग्रामीणों ने कलेक्टर से सड़क निर्माण की मांग की

कच्चे रास्ते से छुटकारे के लिए बाढेगांव से हिरालाल ढाना तक सड़क की हालत हुई जर्जर


बैतूल। आठनेर विकासखंड के ग्राम गारगुड में बाढेगांव से हिरालाल ढाना तक की सड़क की दुर्दशा से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द पक्की सड़क निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस इलाके में केवल कच्चा रास्ता है, और बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

गारगुड और उसके आसपास के क्षेत्रों में बाढेगांव से हिरालाल ढाना तक कोई पक्की सड़क नहीं है, और इस वजह से लोग कई वर्षों से परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के चलते कच्चे रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे आने-जाने में समस्या हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव में गांव के लोग दैनिक कार्यों के लिए संघर्ष कर रहे हैं,आपातकालीन स्थिति में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

इस समस्या का समाधान निकालने के लिए गांव के प्रमुख नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने बाढेगांव से हिरालाल ढाना तक पक्की सड़क निर्माण की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से लालाराम, फैकुलाल कुमरे, कुसरत, नंदलाल नागले, बाजीलाल, पिशीलाल कुमरे, रामजी, छतरलाल, मंगल, जयसिंग, बिसन कुमरे आदि ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। उन्हें सिर्फ कच्चे रास्ते पर चलने में दिक्कत होती है, गड्ढों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

सड़क निर्माण न होने से क्षेत्र में विकास की रफ्तार धीमी

ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में पक्की सड़क का न होना विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा है। सड़क निर्माण न होने की वजह से इलाके में आवश्यक सुविधाएं और सेवाएं भी समय पर नहीं पहुंच पातीं। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे गांव के लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और किसानों को अपनी फसलों के लिए बाजार तक पहुंचने में भी मुश्किल होती है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि जल्द से जल्द इस क्षेत्र में पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए ताकि उनके जीवन में राहत आ सके और क्षेत्र का विकास हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button