life saving information: नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को दी जीवन-रक्षक जानकारियां
कहूपानी में हुआ महिला स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का सफल समापन, बढ़ी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता

बैतूल। ग्रामीण विकास संस्था चिचोली द्वारा गांव-गांव में नुक्कड़ नाटक और गीतों के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। यह अभियान राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार के सहयोग से संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें स्वच्छता एवं पोषण के महत्व के प्रति सजग करना है।
ग्रामीण विकास संस्था चिचोली के प्रमुख अनिल भुसारी ने बताया कि इस एक महीने लंबे अभियान के दौरान आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं को सात महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है, जो उनके स्वास्थ्य और जीवन शैली को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकती है। इन विषयों में मासिक धर्म स्वच्छता, कुपोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण की सही मात्रा, विज्ञान और मीडिया का संबंध, जल एवं स्वच्छता, और जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया गया है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सहायता से अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक और गीतों से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के विभिन्न पहलुओं पर सटीक और रोचक तरीके से जानकारी प्रदान की। अनिल भुसारी ने बताया कि इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर उन्हें अपने जीवन में स्वच्छता और पोषण का पालन करने के लिए प्रेरित करना है। अभियान का समापन ग्राम कहूपानी में किया गया, जहां महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य के प्रति अपने दृष्टिकोण में बदलाव की बात कही। ग्रामीण विकास संस्था चिचोली के इस अभियान को ग्रामीण महिलाओं ने खूब सराहा। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुधार के लिए एक बड़ी पहल बताया।




