complaint of assault: घर में घुसकर की गई मारपीट का वीडियो होने के बावजूद दर्ज नहीं हुई एफआईआर

बैतूल। मारपीट के मामले में शाहपुर निवासी फरियादी महिला 2 साल से थाने के चक्कर काट रही है लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की गई है। शाहपुर के परदेशीपुरा वार्ड नंबर 3 निवासी फरियादी प्रियंका गुप्ता ने आरोप लगाया है कि 13 जुलाई 2022 की रात करीब 10 बजे अनावेदक नीतू गुप्ता पति शक्ति गुप्ता और शक्ति गुप्ता पिता हरिओम गुप्ता ने उनके घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। इस घटना का वीडियो आसपास के लोगों ने बनाया था, जो उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद है। इसके बावजूद तत्कालीन थाना प्रभारी शिवनारायण ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की। प्रियंका गुप्ता ने शिकायत के साथ मारपीट के वीडियो फुटेज और घटना के समय हुए चोट के निशानों के प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं। प्रियंका का आरोप है कि उन्हें न्याय के बजाय निराशा ही हाथ लगी है, क्योंकि राजनीतिक दबाव के कारण उनकी शिकायत को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रियंका का आरोप है कि अनावेदक नीतू गुप्ता, जो भाजपा की पार्षद हैं, उनके राजनीतिक प्रभाव के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस वजह से वह और उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान हैं।
यह है पूरा मामला
प्रियंका ने बताया कि 27 जून 2022 को सुबह लगभग 10 बजे जब वह अपने घर का काम कर रही थीं, तब अनावेदक नीतू गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों ने उनके घर आकर वोट देने को लेकर गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। अनावेदकों ने कहा कि यदि प्रियंका ने उनके पक्ष में वोट नहीं दिया, तो उन्हें जान से खत्म कर देंगे। इसके बाद, अनावेदक शक्ति गुप्ता ने प्रियंका के पिता अशोक गुप्ता को फोन कर धमकी दी कि वह अपनी बेटी को समझा दें, वरना उन्हें और उनके परिवार को पुलिस थाने में घसीटा जाएगा।
अनावेदकों का कहना था कि उनका पुलिस में ऊंचा संपर्क है, और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। प्रियंका गुप्ता ने इस धमकी की शिकायत 29 जून 2022 को शाहपुर थाने में की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रियंका और उनका परिवार अनावेदकों की धमकियों से बेहद डर गए हैं और उन्होंने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। प्रियंका का कहना है कि वह सिर्फ न्याय चाहती हैं और अनावेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती हैं, ताकि उनके परिवार को इस डर और असुरक्षा से मुक्ति मिल सके।




