Chandora-2’s name missing from revenue records:विस्थापित ग्राम चंदोरा-2 का नाम राजस्व रिकार्ड से गायब
मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल से मिलीं जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े, कहा- ग्रामीणों की समस्या का जल्द हो समाधान

चंदोराकला क्रमांक 2 को स्वतंत्र ग्राम घोषित करने की मांग
बैतूल। विकासखंड प्रभात पट्टन के विस्थापित ग्राम चंदोरा क्रमांक 2 को स्वतंत्र ग्राम घोषित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मुद्दे को लेकर जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने जिले के प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। मंत्री ने समस्या का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन भी दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 1981-82 में चंदोरा जलाशय के निर्माण के दौरान मूल ग्राम चंदोराकला बुजुर्ग को सिंचाई विभाग ने दो भागों में विभाजित कर विस्थापित किया था। उस समय राजस्व रिकार्ड में चंदोराकला क्रमांक 1 और चंदोराकला क्रमांक 2 दर्ज किए गए थे। तब से चंदोरा क्रमांक 2 के नाम से स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहे हैं। लेकिन त्रुटिवश बाद में चंदोराकला क्रमांक 2 का नाम राजस्व रिकार्ड से गायब हो गया और इस ग्राम के ग्रामीणों को सिरसावाडी ग्राम का निवासी दिखाया जाने लगा।
ग्रामवासियों का कहना है कि इस कारण उन्हें जमीन के दस्तावेज़ और अन्य प्रमाण पत्र बनवाने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए पूर्व में कलेक्टर बैतूल और एसडीएम से भी मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो पाई।
ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। चंदोराकला क्रमांक 2 को स्वतंत्र ग्राम के रूप में राजस्व रिकार्ड में दर्ज किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीणों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में आ रही दिक्कतें दूर हो सकें। प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने ज्ञापन प्राप्त कर जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े को आश्वस्त किया कि इस मामले पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निराकरण की कार्रवाई की जाएगी।




