newspaper writing activity: सरकार और आम जनता के बीच सेतु का काम करते हैं समाचार पत्र: प्राचार्य लिल्होरे

समाचार पत्र लेखन गतिविधि में छात्राओं ने जाना अखबार का महत्व, जागरूक नागरिक बनने की दिशा में कदम

बैतूल। ई.एफ.ए. शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, बैतूल गंज में शनिवार, 3 अगस्त को गौरवमयी भारत विषय पर लेखन गतिविधि के तहत बाल सभा का आयोजन किया गया। प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को समाचार पत्र लेखन के महत्व और प्रक्रिया से अवगत कराना था।

इस अवसर पर प्राचार्य ललितलाल लिल्होरे ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाचार पत्र लोगों को वर्तमान घटनाओं के बारे में अधिक जागरूक करने और उनमें रूचि बनाए रखने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र सरकार और आम जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। जब जनता के सदस्य पूछताछ करते हैं, तो यह दर्शाता है कि वे जागरूक हैं और यह भूमिका समाचार पत्र पूरी करता है। प्रिंट मीडिया व्यवसाय विश्व में दूसरे नंबर पर आता है और भारत में एक लाख से अधिक रजिस्टर्ड पब्लिकेशन हैं।

— चार सदन अंतर्गत की गई लेखन गतिविधि– 

लेखन गतिविधि के अंतर्गत चार सदन – रानी दुर्गावती सदन, मीराबाई सदन, रानी लक्ष्मीबाई सदन और अहिल्या बाई सदन की छात्राओं ने अपना स्वयं का अखबार प्रकाशित किया। इसमें वे अपने आसपास की घटनाओं को एक पत्रकार की नजर से देखते हुए खबरें बनाती हैं। वे खबर के प्रभाव और भावना को समझते हुए उन्हें अभिव्यक्त करती हैं और फिर इन खबरों को समाचार पत्र के रूप में डिजाइन करती हैं।

— यह है समाचार लेखन के लाभ– 

शिक्षिका शारदा सोलंकी ने बताया कि इस गतिविधि से छात्राओं में खबर लिखने के शिल्प, सही और गलत खबर की पहचान, खबरों की गुणवत्ता के स्तर को बढ़ाना, आमजन की समस्या निवारण के लिए खबर का सही स्वरूप में प्रकाशन, प्रूफ रीडिंग और संपादकीय लेखन जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित होते हैं। इसके साथ ही वे अखबार के विभिन्न विभागों जैसे राजनीति, खेल, रक्षा, प्रचार प्रसार आदि की भूमिका को भी समझती हैं।शिक्षिका रजनी राय ने बताया कि समाचार पत्र लेखन गतिविधि से छात्राओं में परस्पर और सामूहिक सहयोग की भावना का विकास होता है। वहीं दूसरी ओर, वे समाचार लेखन के शिल्प को सीखने और जागरूक नागरिक बनने का जीवन कौशल प्राप्त करती हैं।

— बाल सभा का हुआ आयोजन– 

बाल सभा में कक्षा शिक्षक बी.आर. कंगाले, सुनंदा उईके, सुजाता खान, शकुंतला पंडोले, रजनी राय, शारदा सोलंकी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और विशेष सहयोग अशोक कवड़े का रहा। ज्ञात हो कि विद्यालय में प्रत्येक शनिवार प्रथम तीन कालखंडों में बाल सभा का आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्राओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जाती है और उनकी प्रतिभाओं का विकास किया जाता है। इस प्रकार की गतिविधियों से छात्राओं में लेखन कौशल का विकास होता है, वे समाज और देश की वर्तमान घटनाओं के प्रति भी अधिक जागरूक और संवेदनशील बनती हैं। विद्यालय की इस पहल को अभिभावकों ने भी सराहा है।

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