Betul news: 59 करोड़ में अंग्रेजों के जमाने की बैतूल जिला जेल का होगा आधुनिकीकरण
800 बंदियों के लिए रहेगी आधुनिक सुविधाएं

बैतूल। अंग्रेजों के जमाने की कोठीबाजार स्थित जिला जेल, जो दो सौ वर्ष से भी अधिक पुरानी है, अब अपने जीर्ण-शीर्ण हालत के चलते बारिश में बंदियों को परेशान कर रही है। इस जेल की क्षमता भी बहुत कम है और इससे अधिक संख्या में बंदियों को रखने के कारण अत्यधिक भीड़भाड़ हो गई है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम कढ़ाई में 59 करोड़ रुपए की लागत से 40 एकड़ में नई जेल का निर्माण किया जा रहा है। नई जेल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और यह लगभग आधा पूरा हो चुका है। हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से पुनर्घत्वतीकरण योजना के तहत इस जेल का निर्माण किया जा रहा है। नई जेल में कुल 800 बंदियों को रखने की क्षमता होगी। यह जेल दो चरणों में बन रही है, पहले चरण में 400 बंदियों के हिसाब से व्यवस्था की जाएगी और दूसरे चरण में भी 400 बंदियों के हिसाब से निर्माण होगा। नई जेल में बंदियों के लिए मनोरंजन कक्ष, बच्चों का झूलाघर, बैठने के पुख्ता इंतजाम, गार्डन और सीसीटीवी कैमरे जैसी सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बंदियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिले, जेल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हाउसिंग बोर्ड के एसडीओ प्रदीप कड़वे ने बताया कि इस जेल का निर्माण शासन की पुनर्घत्वतीकरण योजना के तहत ग्राम कढ़ाई में किया जा रहा है। 59 करोड़ रुपए की लागत से इस जिला जेल का निर्माण कार्य अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2025 में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण कार्य ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार किया जा रहा है ताकि सभी आवश्यक मानकों का पालन हो सके। बैतूल की पुरानी जेल की समस्याओं को देखते हुए नई जेल का निर्माण एक आवश्यक कदम है। नई जेल की आधुनिक सुविधाएं और बेहतर क्षमता बंदियों के जीवन को सुधारने और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मददगार साबित होंगी। उम्मीद है कि वर्ष 2025 में जब यह जेल पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी, तो बैतूल जिले की जेल संबंधी समस्याएं काफी हद तक हल हो जाएंगी।

