Betul Municipality’s financial situation is in crisis: बैतूल नगरपालिका की आर्थिक स्थिति संकट में, वसूली के प्रयास तेज

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिर्फ 64 प्रतिशत वसूली, पिछला बकाया बढ़कर 12 करोड़ से अधिक

बैतूल। नगरपालिका की राजस्व वसूली कक्ष के आंकड़ों के अनुसार, अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में दस हजार से अधिक शहरवासियों ने टैक्स जमा नहीं किया, जिससे वसूली का आंकड़ा 64.15 प्रतिशत रह गया। कुल 9 करोड़ 51 लाख 56 हजार 141 रुपए की डिमांड के मुकाबले सिर्फ 6 करोड़ 10 लाख 41 हजार 384 रुपए ही वसूले जा सके। वसूली में कमी से नगरपालिका की आर्थिक स्थिति लडखड़ा गई है।

बकाया डिमांड बढ़कर 12 करोड़ पार 

पिछले वित्तीय वर्ष की कुल डिमांड 9 करोड़ 51 लाख रुपए थी, जबकि 6.56 करोड़ रुपए का पिछला बकाया चालू डिमांड में जुड़ जाने से वित्तीय वर्ष 2024-25 की डिमांड बढ़कर 12 करोड़ 91 लाख 53 हजार 422 हो गई है। मार्च में ही टैक्स जमा करने की प्रवृत्ति के कारण कलेक्शन में समस्या होती है। नगरपालिका ने बकाया राशि की वसूली के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए हैं।

टैक्स अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को संपत्तिकर का दोगुना टैक्स जमा करना होगा

वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले टैक्स अदा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को संपत्तिकर का दोगुना टैक्स जमा करना होगा और साथ ही दस प्रतिशत पेनाल्टी भी देना होगी। शहर में ऐसे दस हजार उपभोक्ता हैं जिन्होंने वर्ष 2023-24 का टैक्स जमा नहीं किया है, जिससे उन्हें अब भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

वसूली के लिए वार्डों में शिविर

राजस्व वसूली कम होने के कारण बकायादारों की संख्या बढ़ गई है। नगरपालिका ने वार्डों में शिविर लगाने की तैयारी की है ताकि बकाया राशि की वसूली की जा सके। यह शिविर जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू होंगे और शनिवार एवं रविवार को लगाए जाएंगे। शिविर में संपत्तिकर और जलकर की वसूली के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी।

आर्थिक स्थिति में सुधार के प्रयास

सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में वसूली महज 64 प्रतिशत हुई है, जिससे नगरपालिका की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। शासन से मिलने वाली अनुदान राशि भी बंद है, जिससे खर्चो का वहन करना मुश्किल हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष में डिमांड बढ़कर 12 करोड़ से ऊपर पहुंच गई है, जिससे नगरपालिका अब ऑफ सीजन में वार्डों में वसूली के लिए शिविर लगाने की तैयारी कर रही है। नगरपालिका का ई-नगरपालिका पोर्टल वायरस की वजह से बंद हो जाने के कारण पिछले वित्तीय वर्ष में वसूली नहीं हो सकी थी। नगरपालिका अब बारिश के दौरान शिविर लगाकर बकायादारों से वसूली करने की कोशिश करेगी ताकि आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।

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