पांच माह से वेतन का इंतजार, बैतूल के अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षक-कर्मचारी परेशान
रक्षाबंधन पर भी खाली रही जेब, बच्चों की पढ़ाई से लेकर बैंक किस्त और घरेलू खर्च चलाना हुआ मुश्किल

बैतूल। प्रदेश की शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारियों को पिछले पांच माह से नियमित वेतन नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर बैतूल जिले की अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों पर भी पड़ा है। लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के सामने अब परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। रक्षाबंधन जैसे त्योहार के समय भी वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई।
शिक्षक-कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने के कारण बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा खर्च, बैंक की किस्त, मकान किराया और रोजमर्रा के घरेलू खर्च प्रभावित हो रहे हैं। नियमित रूप से सेवाएं देने के बावजूद पांच माह से वेतन लंबित होने से कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
मई से लंबित है वेतन भुगतान
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मई माह से शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन लंबित है। बताया जा रहा है कि जिलों से वस्तुनिष्ठ परीक्षण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई। हालांकि आवश्यक जानकारी भेजे जाने के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय स्तर से वेतन जारी नहीं होने की बात सामने आ रही है।
बैतूल के शिक्षक-कर्मचारी भी कर रहे इंतजार
इस संबंध में संघ के नारायण अडलक ने बताया कि बैतूल जिले में संचालित अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक एवं कर्मचारी भी लंबित वेतन जारी होने की राह देख रहे हैं। पांच माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कई परिवारों की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिक्षक संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को लंबे समय तक वेतन से वंचित रखना गंभीर स्थिति है। शासन को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर लंबित भुगतान जारी करना चाहिए।
बजट आवंटन समय पर जारी करने की मांग
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संग के प्रदेश अध्यक्ष एल बी सेठ ने शासन से मांग की है कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए। साथ ही आगामी महीनों के लिए आवश्यक बजट आवंटन भी समय पर जारी किया जाए, ताकि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों को वेतन के लिए बार-बार इंतजार न करना पड़े। संगठन ने वेतन भुगतान व्यवस्था को नियमित करने के साथ लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।




