सामूहिक अवकाश के बाद आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे कृषि विस्तार अधिकारी
शासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने से अब कलमबंद कार्य बहिष्कार

बैतूल। मध्यप्रदेश में कृषि विभाग के कामकाज पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। लंबित मांगों के निराकरण को लेकर मध्यप्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के आह्वान पर सोमवार, 24 अगस्त को जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहे। अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के चलते कृषि विभाग का मैदानी कामकाज प्रभावित रहा। संघ ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 25 अगस्त से प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। आंदोलन को कृषि विकास अधिकारियों, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों और सहायक संचालक कृषि का भी समर्थन मिलने से विभाग के अधिकारी-कर्मचारी लामबंद हो गए हैं।
आंदोलन की प्रमुख वजह ई-एचआरएमएस प्रणाली में ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता के साथ वेतन संबंधी लंबित मांगें हैं। संघ का कहना है कि 21 अगस्त को भोपाल के अंबेडकर पार्क में राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार के साथ पूर्व में कई बार शासन को ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। शासन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने से नाराज संघ ने अब कलमबंद कार्य बहिष्कार और धरने के जरिए आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बैतूल जिला इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सूर्यवंशी, सचिव वेदराम यादव और प्रांतीय प्रतिनिधि सुरेश इरपाचे के नेतृत्व में आंदोलन की सूचना अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को विधिवत दी गई है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रहेगा।
– ई-अटेंडेंस खत्म करने सहित चार प्रमुख मांगें
कृषि विस्तार अधिकारियों की चार प्रमुख मांगों में ई-एचआरएमएस प्रणाली में ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करना प्रमुख है। इसके अलावा 2800 ग्रेड-पे का लाभ देने, अतिरिक्त केंद्र भत्ते को वर्तमान 500 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह करने तथा पटवारियों के समान 4000 रुपए एग्री स्टैक भत्ता देने की मांग शामिल है।
सूर्यवंशी ने कहा कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं और शासन स्तर पर कई बार ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। जब तक मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
संघ के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जिला स्तर पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास कार्यालय के समक्ष अधिकारी-कर्मचारी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद मांगों पर शासन की प्रतिक्रिया के आधार पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।




