Court Order : शादी का झांसा देकर नाबालिक से किया दुष्कर्म, मिली आजीवन कारावास की सजा

Court Order Betul : बैतूल। अनन्य विशेष न्यायालय (पाक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.) ने 17 वर्षीय अनुसूचित जनजाति नाबालिग युवती का व्यपहरण कर दुष्कर्म का शिकार बनाने वाले आरोपी दिलीप कनौजे पिता मंगल कनौजे उम्र-33 वर्ष निवासी थाना चिचोली को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
जिला अभियोजन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता के पिता ने थाना चिचोली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 अगस्त को रात से उनकी बेटी घर से गायब हो गई थी। पुलिस ने अज्ञात के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। 30 सितंबर 2020 को पीड़िता को दस्तयाब कर मेडिकल परीक्षण कराया गया। मजिस्ट्रेट न्यायालय में धारा 164 के कथन में पीड़िता ने बताया कि वह आरोपी दिलीप को पिछले 2-3 वर्षों से जानती है। वह उसे मंडीदीप लेकर गया था और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। जिससे वह गर्भवती हो गई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोपी दिलीप ने उससे शादी भी कर ली।
पुलिस ने डीएनए जांच कराने के बाद अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र अनन्य विशेष न्यायालय (पाक्सो एक्ट) बैतूल के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। विचारण में डीएनए परीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई जिसमें पीड़िता की नवजात बच्ची का जैविक पिता आरोपी का होना पाया गया। अभियोजन का मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित पाकर न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषी पाते हुए धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी समाहित धारा 3(1) (ब)(प)(पप) एससी/एसटी में आजीवन कारावास एवं 2,000 रुपये जुर्माना, 376(2)(एन) भादवि समाहित धारा 5(एल),5(जे)(पप)/6 पाक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000 रुपये का जुर्माना, धारा 366 भादवि में पांच वर्ष कठोर कारावास एवं 1,000 रुपये के जुर्माने तथा धारा 363 भादवि व धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में तीन वर्ष का कठोर एवं 1,000 रुपये के जुर्माना से दण्डित किया गया।
न्यायालय ने पीड़िता को 2,00,000 रुपये प्रतिकर राशि दिलाए जाने के लिए भी आदेशित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विशेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी की गई।




