शिक्षक पात्रता परीक्षा का चौतरफा बहिष्कार, हजारों शिक्षकों ने लिया फॉर्म नहीं भरने का सामूहिक निर्णय

टीईटी की अनिवार्यता को लेकर बैतूल में शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने जिले में किया विरोध प्रदर्शन 

बैतूल। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को लेकर प्रदेश के शिक्षकों का विरोध अब बढ़ता जा रहा है। शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में मंगलवार को प्रदेश सहित बैतूल जिले के विभिन्न ब्लॉकों में शिक्षकों ने लामबंद होकर परीक्षा को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगें रखीं। साथ ही सर्वसम्मति से बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि जब तक टीईटी को लेकर उनकी मांगों और शंकाओं का स्पष्ट समाधान नहीं किया जाता, तब तक प्रदेश का कोई भी शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म नहीं भरेगा।

शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग से मांग की है कि श्रेणीवार स्पष्ट किया जाए कि किन-किन शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य की गई है। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होने के कारण शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि जब तक संबंधित शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर लेते, तब तक उन्हें सभी प्रकार के गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए, ताकि वे परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दे सकें। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए छह अवसर सुनिश्चित करने तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों को स्क्राइब की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

इसके अलावा उच्च पदों का प्रभार संभाल रहे व्याख्याताओं एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों तथा विषय परिवर्तन के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की टीईटी को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। सर्वशिक्षा अभियान, छात्रावासों और विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के लिए आवेदन प्रक्रिया में उपयोग होने वाले डाइस कोड को लेकर भी विभाग से स्पष्ट व्यवस्था घोषित करने की मांग की गई है।

– दो से अधिक संतान वाले शिक्षकों को लेकर भी उठाई मांग

शिक्षकों ने दो से अधिक संतान वाले सेवारत शिक्षकों को टीईटी के लिए अपात्र नहीं माने जाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में इस प्रतिबंध को समाप्त करने की बात कही गई थी, इसलिए इस संबंध में भी स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए।

आंदोलन का नेतृत्व जिला संयोजक पंजाब गायकवाड़, भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री भीम धोटे, रवि सरनेकर, समग्र शिक्षक संघ के राजेंद्र प्रसाद साहू, नारायण सिंह नागदे तथा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष अनीता सोनारे सहित अन्य पदाधिकारियों ने किया। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का लिखित समाधान और न्यायसंगत दिशा-निर्देश जारी नहीं किए जाते, तब तक टीईटी के बहिष्कार का निर्णय जारी रहेगा।

ज्ञापन देने वालों में राजेंद्र कटारे जिला अध्यक्ष आदर्श शिक्षक संघ, द्वारका पवार पूर्व जिला अध्यक्ष अध्यापक संघ, अंजलि, अल्का ठोके, विमला उइके, दीपवती वरवड़े, मंजुला पाटिल, अनीता इवने, मीना धुर्वे, दिलीप वरवड़े, अनीता सोनारे, दिनेश पवार, गायत्री बामने, संजय सरनेकर, नामदेव ठोके, अनंतराम कुमरे, मनीराम लोखंडे, धर्मराज वागद्रे, अशोक लोखंडे, सीमा झरबड़े सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।

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