Villagers reached Union Minister’s house: सड़क-पुल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण केंद्रीय मंत्री के घर पहुंचे
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उठाई सड़क और पुल की मांग

बैतूल। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े के नेतृत्व में कालापखान और टोपीढाना के ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके से मुलाकात कर अपनी क्षेत्रीय समस्याओं को सामने रखा। ग्रामीणों ने मंत्री के बैतूल स्थित निवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांडू नदी पर पुल निर्माण और कालापखान तक पक्की सड़क बनाने की मांग की गई।
ग्राम टोपीढाना के ग्रामीणों ने बताया कि मांडू नदी पर पुल न होने की वजह से हर साल बारिश के दौरान आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और ग्रामवासियों को पंचायत के काम के लिए बोरपेंड जाना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने मंत्री को अवगत कराया कि बारिश के दौरान अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं और बुजुर्ग नदी पार करते समय बहकर डूब जाते हैं। टोपीढाना के लगभग 150 मकानों में आदिवासी समाज के लोग रहते हैं, जिनका मुख्य व्यवसाय मजदूरी है। बारिश के दिनों में नदी के पानी के चलते उनका जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता है।
उधर, ग्राम कालापखान के ग्रामीणों ने भी अपनी समस्या मंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि उनका गांव जंगल के बीच बसा है, जहां बारिश के मौसम में सड़कें इतनी खराब हो जाती हैं कि एम्बुलेंस तक गांव में नहीं पहुंच पाती। गाँव के लोग पैदल चलकर भी मुश्किल से मुख्य मार्ग तक पहुंच पाते हैं क्योंकि रास्ते में चार से पांच छोटे-बड़े नाले पड़ते हैं। गांव के लोगों ने बताया कि इस समस्या के कारण बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना बहुत कठिन हो जाता है। कालापखान में लगभग 70 मकान हैं, जिनमें अधिकांश आदिवासी समाज के लोग रहते हैं और उनका मुख्य व्यवसाय मजदूरी करना है।
गांव में पीने के पानी की भी समस्या
ग्रामिणों ने मंत्री से आग्रह किया कि उनकी गंभीर समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि गांव में पीने के पानी की भी समस्या है, जिसके लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। ज्ञापन में ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके, जो खुद आदिवासी समाज से आते हैं, उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करेंगे। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों में बाबूलाल उइके, भैयालाल उइके, सुनील, अमर सिंह कुमरे, राम प्रसाद, सुनील परते, फूलेसिंह उइके, विश्राम उइके, शेषराव, शिवकिशोर, ज्ञानेश्वर, रामकिशोर उइके, जगरू सिंह, राजू धुर्वे, मुन्ना पंद्राम, सहदेव पंद्राम, हरसू चौरेकर, बृजलाल, दिनेश, संपत भलावी, हीरालाल उइके, डुबीराम उइके, सुभाष भलावी, रामकिशन भलावी, संतोष भलावी, सदाराम भलावी, शिवदास भलावी, राजेश धुर्वे, सुनील परते, अमरलाल सालक, इरपाचे शंकर और युवराज आदि शामिल थे। केंद्रीय राज्य मंत्री डीडी उइके ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।




