With the help of NRC, weak Gauri got a new life: एनआरसी की मदद से कमजोर गौरी को मिली नई जिंदगी

भीमपुर स्वास्थ्य केंद्र की पूरी टीम के प्रयास से गौरी के स्वास्थ्य में हुआ सुधार


डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत से गौरी को मिला नया जीवन
एनआरसी में इलाज के बाद गौरी का वजन बढ़ा, परिवार में खुशी
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बैतूल। भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रयासों से ग्राम कामोद की रहने वाली एक नवजात बच्ची गौरी की सेहत में सुधार हुआ है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक निगवाल ने बताया कि गौरी, ग्राम पंचायत कामोद के निवासी शंकर यादव और श्रीमती अनीता यादव की तीसरी बेटी है, गौरी का जन्म 4 अप्रैल 2024 को घर पर हुआ था। जन्म के समय गौरी का वजन मात्र 2 किलोग्राम था, और वह काफी कमजोर थी।
गौरी की मां ने शुरुआत में महाराष्ट्र में उसका इलाज करवाया और झाड़-फूंक का सहारा भी लिया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। दिसंबर 2024 में जब गौरी को सर्दी, खांसी और बुखार हुआ, तो उसे भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर मो. अमीर खान को दिखाया गया। डॉक्टर ने गौरी को निमोनिया की स्थिति में जिला चिकित्सालय रेफर किया, जहां 7 दिन तक भर्ती रहने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
गांव लौटने पर सीएचओ श्रीमती भूदेवी धुर्वे ने गौरी के माता-पिता को एनआरसी में भर्ती कराने की सलाह दी, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे सहमत नहीं हुए। आरबीएसके टीम के डॉक्टर राकेश तिवारी ने उन्हें समझाया कि एनआरसी में इलाज के दौरान बच्ची की पूरी देखभाल की जाएगी और माता-पिता को मजदूरी का भुगतान भी मिलेगा। इसके बाद 19 दिसंबर 2024 को गौरी को एनआरसी भीमपुर में भर्ती कराया गया।
– डॉक्टरों के प्रयास से दूर हुई समस्या
भर्ती के समय गौरी का वजन 2.650 किलोग्राम, एमयूएसी 6.6 सेंटीमीटर और लंबाई 57.5 सेंटीमीटर थी। एनआरसी की पोषण प्रशिक्षक श्रीमती ज्योति तुमराम और एएनएम श्रीमती प्रेमलता राठौर ने गौरी की पूरी देखभाल की। गाइडलाइन के अनुसार गौरी की विभिन्न जांचें की गईं, जो सामान्य थीं। उसे 15 दिनों तक नियमित रूप से 9 प्रकार की दवाएं और एफ-75 फीड दी गई। दूध, दलिया जैसे ऊपरी आहार भी दिए गए, लेकिन शुरुआत में गौरी इसे पचा नहीं पा रही थी। डॉक्टरों के प्रयास से यह समस्या दूर हुई, और उसका वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगा।
एनआरसी में 14 दिन भर्ती रहने के बाद, 2 जनवरी 2025 को गौरी को डिस्चार्ज कर दिया गया। उस समय गौरी का वजन 3.190 किलोग्राम, एमयूएसी 7 सेंटीमीटर और लंबाई 57.5 सेंटीमीटर हो गई थी। डिस्चार्ज के बाद एएनएम, आशा और आशा सहयोगी ने गौरी के घर जाकर नियमित टीकाकरण, पोषण परामर्श और स्वास्थ्य जांच की। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को हर 15 दिन पर गौरी का फॉलोअप लेने के निर्देश दिए गए। गौरी के माता-पिता ने बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार के लिए डॉक्टरों और एनआरसी स्टाफ का आभार व्यक्त किया।

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