शादियों और हिंदू त्योहारों पर ही क्यों लगते हैं प्रतिबंध।
भाजपा अपने जश्न में क्यों भूल जाती है पर्यावरण: पारधी ।

बैतूल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा शादी, बारात और जन्मदिन जैसे आयोजनों में पटाखे फोड़ने से पहले कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य किए जाने के आदेश पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जिला कांग्रेस प्रवक्ता विजय पारधी ने इस आदेश को हिंदू परंपराओं और सामाजिक उत्सवों पर अनावश्यक रोक बताते हुए भाजपा सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
विजय पारधी ने कहा कि हिंदू समाज में शादी-विवाह, त्योहार और खुशियों के अवसर पर पटाखे फोड़ने की वर्षों पुरानी परंपरा रही है। शगुन और उत्सव के प्रतीक के रूप में लोग सीमित रूप से पटाखों का उपयोग करते हैं, लेकिन अब सरकार इन खुशियों पर भी प्रतिबंध लगाने का काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती है या किसी राजनीतिक अवसर पर जश्न मनाती है, तब बड़े पैमाने पर पटाखे फोड़े जाते हैं और धुआंधार प्रदर्शन किया जाता है, उस समय पर्यावरण की चिंता क्यों नहीं दिखाई देती।
उन्होंने कहा कि भाजपा खुद को हिंदू हितैषी बताने का प्रयास करती है, लेकिन व्यवहार में हिंदू समाज के पारंपरिक उत्सवों और शादियों पर ही लगातार नियम और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। सरकार को हर बार शादियों, बारातों और हिंदू त्योहारों पर ही पर्यावरण की याद आती है। यदि पर्यावरण संरक्षण जरूरी है तो नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
विजय पारधी ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करना भी आवश्यक है। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण समाज का धर्म है, लेकिन सरकार को यह भी देखना चाहिए कि आम लोगों की खुशियों और परंपराओं पर अनावश्यक बोझ न डाला जाए। उन्होंने कहा कि जनता शगुन मात्र के पटाखे फोड़ती है, फिर भी उस पर अनुमति और प्रतिबंध थोपना उचित नहीं कहा जा सकता।
श्री पारधी ने मांग की है कि सरकार इस तरह के आदेशों पर पुनर्विचार करे और जनता की धार्मिक, सामाजिक एवं पारंपरिक भावनाओं का सम्मान करते हुए समान नीति अपनाए।
उन्होंने कहा कि यदि हालिया पटाखा फैक्ट्री दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर यह आदेश जारी किए गए हैं, तो सरकार को सबसे पहले पटाखा फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों और निगरानी को सख्ती से लागू करना चाहिए। आम जनता, शादियों और पारंपरिक उत्सवों पर अनावश्यक प्रतिबंध थोपना समस्या का समाधान नहीं है।




