शहरवासियों को गिलहरी देगी स्वच्छता का संदेश।

कबाड़ से जुगाड़ कर बनाई शानदार कलाकृति ।

बैतूल। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के अंतर्गत स्वच्छता के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए गिलहरी अभियान की शुरूवात की गई है। यह मैसकॉट एक सक्रिय और जागरूक गिलहरी के रूप में है जो गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने का संदेश देती है। स्वच्छता की दिशा में एक छोटा कदम बड़े बदलाव की ओर है। इसी गिलहरी अभियान के अंतर्गत नगर पालिका परिषद के सीएमओ नवनीत पांडे के मार्गदर्शन में शहर के सभी नागरिकों को अपने आसपास सफाई बनाए रखने, कचरा सही स्थान पर डालने और स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर पालिका की ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग और उनकी टीम ने कबाड़ का उपयोग कर विशाल गिलहरी का निर्माण करवाया है।

सीएमओ ने की शहर को स्वच्छ बनाने की अपील

सीएमओ

नपा के सीएमओ नवनीत पांडे का कहना है कि स्वच्छता अभियान की थीम गिलहरी को इसलिए बनाया गया है क्योंकि गिलहरी अपने आसपास साफ सफाई बनाए रखने और फूर्ति से काम करने के लिए जानी जाती है। इसी विचार को आदर्श मानते हुए इस अभियान का नाम गिलहरी रखा गया है। अभियान के दौरान डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने वाले वाहन चालक और उनके सहायक घर-घर जाकर लोगों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित करेंगे। श्री पांडे ने नागरिकों से अपील की है कि हम सब मिलकर इस शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए। मेरी गली मेरा दायित्व को ध्यान में रखते हुए कचरा सही स्थान पर डाले। बैतूल शहर के 33 वार्डों में प्रतिदिन लगभग 35 से 40 टन कचरा एकत्रित किया जाता है। इस कचरे को 39 मैजिक कचरा वाहन और 5 ट्रैक्टर ट्रालियों की मदद से ट्रैचिंग ग्राऊंड तक पहुंचाया जाता है।

आकर्षण का केंद्र बनी कलाकृति

नेहा गर्ग

नगर पालिका परिषद की ब्रांड एम्बेसेडर श्रीमती नेहा गर्ग ने बताया कि नगर पालिका के सीएमओ नवनीत पांडे के मार्गदर्शन में लगभग 100 किलो कबाड़ से गिलहरी की कलाकृति बनाई गई है। इस कलाकृति को नेहरू पार्क चौराहे के पास लगाया गयी है। यह कलाकृति राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस कलाकृति के निर्माण में श्रीमती गर्ग के अलावा श्रेणिक जैन और विजय यादव का सहयोग रहा है। इसके निर्माण में पुराने ड्रम, बाल्टियां और प्लास्टिक सीट के पुराने टुकड़ों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा कई अन्य कलाकृतियां भी निर्मित की जा रही हैं।

गौरतलब है कि इसके पूर्व ब्रांड एम्बेसेडर द्वारा कबाड़ से कई कलाकृतियां निर्मित की जा चुकी हैं जिसमें चिडिय़ा, गिटार, बिच्छू, हाथी, शेर, डस्टबीन, तितली, हवाई जहाज, ईगल, मोर, गाय सहित अन्य कलाकृतियां शामिल है। इन कलाकृतियों को पूर्व में भी नगरीय निकाय के आयुक्त सहित सभी अधिकारियों ने काफी सराहा था और विभाग की हर बैठकों में बैतूल की इन कलाकृतियां की प्रशंसा की जाती रही है।

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