PESA:पेसा एक्ट के तहत ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष पेश किया पंचनामा
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वाती चिल्हाटे को हटाए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश

बैतूल। भैंसदेही तहसील के ग्राम माजरवानी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता स्वाती चिल्हाटे को उनके पद से हटाए जाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। स्वाती चिल्हाटे पांच वर्षों से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। विगत 28 अक्टूबर 2024 को जिला स्तरीय चयन समिति के आदेश पर उन्हें पद से हटा दिया गया। सोमवार को ग्रामीणों ने सरपंच, ग्राम सभा अध्यक्ष, सचिव के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में स्वाती चिल्हाटे ने बताया कि उन्हें हटाने का आदेश एक झूठी शिकायत के आधार पर दिया गया और उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। उनके अनुसार, यह निर्णय परियोजना अधिकारी भैंसदेही की अनुशंसा पर लिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया।
ग्राम सभा माजरवानी ने इस मामले को लेकर कलेक्टर को आवेदन और पंचनामा सौंपा है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्वाती चिल्हाटे की कार्यप्रणाली से ग्रामीण पूरी तरह संतुष्ट थे। पंचनामा में यह भी बताया गया कि वर्तमान में नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनीषा येवले के कार्य से ग्रामवासी असंतुष्ट हैं, और बच्चों को आंगनवाड़ी भेजने में डर महसूस कर रहे हैं।
ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि स्वाती चिल्हाटे को उनके पद पर पुनः बहाल किया जाए। इस निर्णय पर ग्राम सभा के सभी सदस्यों और ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए और कलेक्टर से अनुरोध किया कि पेसा एक्ट 2022 के तहत स्वाती चिल्हाटे को उनके पद पर पुनः नियुक्त किया जाए। आवेदन देने वालों में ग्रामीण राजू कासदेकर, सोनाजी शीलूकर, जगन अखंडे, आबू बारस्कर, श्याम दहिकर, सोनाजी कासदेकर, कविता, सागरती, बबली, रामरति, मुन्नी, मंगाई, शिवरती, रतिया, पार्वती, सविता, सकाराम, पिलकाए, कुंजी, कपिली, रमेश पांसे, श्याम राव सलामे सहित अनेक ग्रामीण शामिल रहे।




