55 हजार की रिश्वत लेते दो वनकर्मी रंगे हाथ पकड़े
प्रमोशन और सेवा संबंधी लंबित प्रकरण निपटाने के नाम पर मांगी थी रकम, लोकायुक्त ने लिफाफा लेते ही दबोचा

बैतूल। बैतूल पश्चिम वन मंडल कार्यालय में सोमवार को लोकायुक्त टीम ने 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई डीएसपी कविन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। आरोप है कि सहायक ग्रेड-2 एवं वरिष्ठ क्लर्क माखनलाल पाल और कंप्यूटर ऑपरेटर अभय सिंह तोमर ने वनपाल सुकांत पाठक के लंबित पदोन्नति और सेवा संबंधी प्रकरण को निपटाने के नाम पर रिश्वत मांगी थी।
शिकायतकर्ता सुकांत पाठक के अनुसार उनका पदोन्नति और सेवा संबंधी प्रकरण कई वर्षों से लंबित था। वर्ष 2023 में विभागीय जांच के बाद उन्हें दंडित किया गया था। इसके बाद वन हानि की वसूली और अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर दोबारा नोटिस जारी किया गया। पाठक ने जवाब में पूर्व विभागीय जांच और दंड का उल्लेख करते हुए संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन उनके अनुसार करीब एक साल तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। प्रकरण लंबित रहने से हाल की पदोन्नति में उनके नाम पर विचार नहीं हो सका।
शिकायत के मुताबिक प्रकरण निपटाने के लिए 55 हजार रुपए मांगे गए थे। इसमें 20 हजार रुपए डीएफओ, 20 हजार एसडीओ, 10 हजार रेंजर और 5 हजार रुपए संबंधित क्लर्क के लिए बताए जाने का आरोप है। लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद सोमवार को कार्रवाई की। सुकांत पाठक ने चिचोली एसडीओ कार्यालय के बाहर दोनों आरोपियों को 55 हजार रुपए का लिफाफा दिया। रकम लेते ही लोकायुक्त टीम ने दोनों को पकड़ लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
लोकायुक्त टीम ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। रिश्वत की रकम में जिन अधिकारियों के नाम लिए जाने का आरोप है, उनकी भूमिका समेत प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। टीम दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।




