भोजशाला मामले में सत्य और न्याय की हुई जीत : मोहित गर्ग।

ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला । वाग्देवी मंदिर पक्ष को राहत मिलने पर जताया आभार।

बैतूल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में सुनाए गए फैसले का याचिकाकर्ताओं ने स्वागत किया है। मामले में शामिल पांच याचिकाकर्ताओं में से एक मोहित गर्ग ने न्यायालय के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह फैसला वर्षों पुराने विवाद में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने ऐतिहासिक, पुरातात्विक और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया है, जिससे सनातन समाज की आस्था को नई मजबूती मिली है।

मोहित गर्ग ने कहा कि भोजशाला करोड़ों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। लंबे समय से इस मामले को लेकर समाज न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा कर रहा था। अब हाईकोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हुआ है कि न्यायपालिका ऐतिहासिक तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देने का कार्य कर रही है। उन्होंने इसे सत्य, न्याय और सनातन संस्कृति की जीत बताया।

उन्होंने कहा कि देश की जनता का न्यायपालिका पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है और ऐसे फैसले इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने लाने का काम करते हैं। मोहित गर्ग ने इस मामले में पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं, शोधकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से यह महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने धार भोजशाला मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए वाग्देवी मंदिर पक्ष को राहत प्रदान की है। फैसले के बाद विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों सहित पक्षकारों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं फैसले को लेकर सनातन समाज में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

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