Theft Of Teak : महाराष्ट्र की सीमा के नजदीक झाडियों में मिला सागौन का जखीरा 

अवैध तस्करी की सूचना के आधार पर आठनेर परिक्षेत्र के वन अमले ने की कार्रवाई 

Betul Forest News : बैतूल। सागौन तस्करों के खिलाफ दक्षिण वन मंडल द्वारा चलाई जा रही मुहिम के अंतर्गत लगातार छापामार कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही में जहां अवैध सागौन की धर पकड़ की जा रही है, वहीं वन माफियाओं के खिलाफ भी सख्ती से कार्यवाही की जा रही है। गुरुवार 10 अगस्त को दक्षिण वन मंडल परिक्षेत्र आठनेर के वन अमले ने छापामार कार्यवाही में बड़ी मात्रा में सागौन का जखीरा बरामद किया है। तस्करों द्वारा महाराष्ट्र की सीमा पर जलाशय के पास सीताफल के पेड़ों के बीच झाडियों में छिपाकर सागौन की तस्करी की जा रही थी। मुखबिर की सूचना के बाद परिक्षेत्र आठनेर के वन अमले ने मौके पर जाकर कार्यवाही की है।

 सूचना के आधार पर महाराष्ट्र की सीमा पर पहुंची टीम

दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल अंतर्गत आठनेर परिक्षेत्र में क्षेत्रीय वन अमले के गश्ती के दौरान सागौन चरपट की अवैध तस्करी की सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल विजयानन्तम टी. आर. (भा.व.से.) तथा उपवनमंडलाधिकारी सुश्री पूजा नागले (भा.व.से.) के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी आठनेर अतुल भोयर द्वारा टीम का गठन किया गया। टीम सूचना के आधार पर मध्यप्रदेश तथा महाराष्ट्र की सीमा के नजदीक बिसोडी जलाशय के पास पहुंची, जहां सीताफल के पेड़ों के बीच झाडियों में सागौन चरपटों को छुपाकर रखा हुआ पाया गया।

 लगभग 40 हजार कीमत की सागौन जब्त

कार्यवाही के दौरान मौका स्थल पर आसपास अज्ञात आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन कोई नहीं मिला। मौका स्थल से वन अमले ने 32 नग सागौन चरपट 0.652 घ.मी. काष्ठ जब्त की। जब्त काष्ठ का अनुमानित मूल्य रू. 38 हजार 529 आंका गया। मध्यप्रदेश वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 948 / 65 दिनांक 10 अगस्त 2023 पंजीबद्ध किया गया, फिलहाल अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।

इनका रहा विशेष योगदान

जब्ती करने वाली टीम में परिक्षेत्र अधिकारी आठनेर अतुल भोयर (रा.व.से.) मंगल सिंह सिकरवार परिक्षेत्र सहायक हीरादेही, रवीश कंगाले वनरक्षक हीरादेही, खेलेन्द्र रहांगडाले वनरक्षक धारूल, दिलीप नर्रे वनरक्षक केलबीरा, वाहन चालक नूर मोहम्मद तथा सुरक्षा श्रमिक बिसन वाडिवा व नोखीलाल इवने का विशेष योगदान रहा।

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