जिन ग्रामीणों ने पहले किया था विरोध, अब नए विद्यालय के समर्थन में आए आगे । गुमराह होने की बात की स्वीकार, कहा- नया निजी विद्यालय खुलेगा तो बच्चों को मिलेगी बेहतर और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा।
झूठी अफवाहों से कराए गए थे हस्ताक्षर, अब ग्रामीणों ने सरपंच को सौंपा समर्थन पत्र।

बैतूल। ग्राम पंचायत सुरगांव में नए अशासकीय विद्यालय के खुलने की संभावना को लेकर अब ग्रामीणों का रुख पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। गांव के अनेक वरिष्ठ ग्रामीणों ने अपने हस्ताक्षरों सहित एक पत्र ग्राम पंचायत के सरपंच एवं उपसरपंच को सौंपकर गांव में नवीन निजी विद्यालय खुलने की संभावना पर हर्ष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन द्वारा गांव में किसी नए निजी विद्यालय को मान्यता प्रदान की जाती है तो यह पूरे गांव के लिए खुशी की बात होगी, क्योंकि इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ग्रामीणों ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि ग्राम में पहले से एक निजी विद्यालय संचालित है। ग्रामीणों के अनुसार इस विद्यालय के संचालक द्वारा पूर्व में कुछ ग्रामीणों को गुमराह कर तथा झूठी अफवाह फैलाकर उनसे हस्ताक्षर करवाए गए थे और उसी आधार पर सरपंच को आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जबकि स्वयं उनका विद्यालय शासकीय विद्यालय के समीप संचालित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी नवीन विद्यालय को निराधार शिकायतों के आधार पर मान्यता देने से रोकना उचित नहीं है। उनका मानना है कि यदि गांव में एक और निजी विद्यालय प्रारंभ होता है तो शिक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे।
इसी उद्देश्य से अब ग्रामीणों ने पुनः अपने हस्ताक्षरों के साथ एक नया पत्र सरपंच को सौंपकर स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया है कि यदि ग्राम में नया विद्यालय प्रारंभ होता है तो इससे गांव के बच्चों का शैक्षणिक भविष्य और अधिक सुदृढ़ होगा तथा उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।




