नदियों, वृक्षों और प्रकृति संरक्षण से ही सुरक्षित होगा भविष्य।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में जागरूकता के साथ मनाया विश्व पर्यावरण दिवस ।जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का लिया संकल्प।

बैतूल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, ज.हा. शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल में प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन में दो दिवसीय कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण, शपथ ग्रहण, व्याख्यान तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पौधारोपण से हुई। इसके पश्चात प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। विषय विशेषज्ञ श्री खुशाल सिंह बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से उपभोक्तावादी प्रवृत्ति से बचने, बिजली का कम उपयोग करने तथा ऊर्जा संरक्षण को अपनाने का आह्वान किया। सुरेश चौकीकर ने पौधारोपण की बारीकियों एवं पौधों के संरक्षण पर जोर देते हुए बताया कि एक बीज को पौधा बनने में लगभग दो वर्ष का समय लगता है, जिसके बाद उसे रोपित किया जाता है।

– सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक
डॉ. अमित सातनकर ने मध्यप्रदेश की नदियों को जीवनदायिनी बताते हुए कहा कि नदियां समस्त जीव-जंतुओं के जीवन की आधारशिला हैं। यदि प्रकृति को सुरक्षित रखना है तो वृक्षों, नदियों और पर्वतों का संरक्षण करना होगा। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. अनिता सोनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जल, जंगल और जमीन को समान महत्व देते हुए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक है। वहीं डॉ. बी.डी. नागले ने पंचतत्वों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से इनके संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
– प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित
कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेन्द्र नावंगे ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए तथा विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों के हाथों प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. संतोष पवार एवं प्रो. दीपिका साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. अर्चना सोनारे ने किया।
कार्यक्रम में डॉ. अर्चना सोनारे (विभागाध्यक्ष, बॉटनी), डॉ. अनिता सोनी (विभागाध्यक्ष, हिंदी) सहित डॉ. स्वप्निल यादव, डॉ. पंकज बारस्कर, डॉ. राहुल सिंह ठाकुर, प्रो. सोनम चौधरी, प्रो. प्रीति नावंगे, डॉ. प्रीतिबाला पाल, डॉ. बी.डी. नागले, डिंपल देशमुख, बीना बारमासे, आदित्य पाल, हर्षिता, राखी, पवन, भुवनेश्वरी, प्रीति योगी, ज्योति कोकाटे एवं सतीश वाडिवा सहित अनेक शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का सराहनीय सहयोग रहा।




