अग्निवीर बनकर लौटे रामघाटी के दो सपूत, स्वागत में उमड़ा पूरा गांव।
डेढ़ किलोमीटर तक निकली स्वागत रैली। बिहार से ट्रेनिंग पूरी कर लौटे जवानों पर पूरे गांव को गर्व।

बैतूल। भैंसदेही क्षेत्र के ग्राम रामघाटी में मंगलवार को गौरव, उत्साह और देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। अग्निवीर प्रशिक्षण पूर्ण कर बिहार से पहली बार अपने गांव लौटे तिरु दयाराम चिचाम पिता रमन चिचाम एवं तिरु युवराज आहके पिता स्व. जगन आहके के स्वागत में पूरा गांव उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने दोनों जवानों का परतवाड़ा मेन रोड स्थित हनुमानढाना चौक पर फूल-मालाओं, ढोल, डीजे और पारंपरिक आदिवासी संस्कृति के साथ भव्य अभिनंदन किया।
स्वागत कार्यक्रम के बाद हनुमानढाना चौक से दोनों अग्निवीर जवानों के सम्मान में लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी भव्य रैली निकाली गई। आदिवासी संस्कृति की पहचान डंडार पार्टी, डीजे और देशभक्ति के नारों के बीच ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। गांव के बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं रैली में शामिल होकर जवानों का अभिनंदन करते हुए उनके निवास ग्राम रामघाटी तक पहुंचे।
– पड़ापेन से की उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना
रैली के समापन पर ग्रामवासियों ने प्राकृतिक शक्ति पड़ापेन से दोनों जवानों के उज्ज्वल भविष्य, सफल सैन्य सेवा और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के युवाओं द्वारा सेना में चयन और प्रशिक्षण पूर्ण करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है तथा इससे अन्य युवाओं को भी देश सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी।
– जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति
कार्यक्रम में युवा आदिवासी विकास संगठन भैंसदेही ब्लॉक अध्यक्ष एवं ग्राम सभा अध्यक्ष तिरु नंदू आहके, कार्यवाह अध्यक्ष एवं ग्राम पटेल तिरु नंदू उईके, सचिव एवं पंच तिरु बबलू धुर्वे, जनपद सदस्य जीवन उईके, ग्राम कौड़ी सरपंच तिरु सुनील उईके, तिरु महादेव आहके शिक्षक, तिरु अश्विन धुर्वे शिक्षक, ईमरत चिचाम, डॉ. दिलीप मर्सकोले, सतीश उईके, भरत चिचाम, विकास उईके, सिंगत कवड़े, दिनेश उईके, दीनू चिचाम, दलप उईके, बिसराम वाडिवा, रूपसा धुर्वे, चिमन उईके, अनकराम उईके, रामसिंग आहके, सुरापसिंग धुर्वे, मन्नूलाल वाडिवा, दसन कवड़े, गौरी परते, पंच दिग्विजय आहके, गोपाल उईके, गुलू वाडिवा, मेहंगू आहके, कलीराम आहके, बाबूलाल आहके, योगेश ईवने, बबन उईके, फगन आहके, देवेंद्र आहके, सुमिलाल उईके, मिथलेश आहके, पिंटू वाडिवा, वसन चिचाम, श्याम उईके, चंदर चिचाम, जंगू उईके, दीपक धुर्वे, विक्रम आहके, लखन वाडिवा, देलेराम वाडिवा, गुलाब आहके, भैय्यालाला आहके, सूरज वाडिवा, पंच सुंदर धुर्वे, लक्ष्मण मसराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
क्यू
– गांव की शान बने दोनों अग्निवीर
ग्रामीणों ने कहा कि तिरु दयाराम चिचाम और तिरु युवराज आहके ने अग्निवीर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर पूरे ग्राम रामघाटी का नाम रोशन किया है। दोनों जवानों के सम्मान में आयोजित यह समारोह गांव के इतिहास के यादगार आयोजनों में शामिल हो गया, जहां पूरे गांव ने एकजुट होकर अपने वीर सपूतों का स्वागत कर उनके प्रति सम्मान और गर्व व्यक्त किया।




