बाल विवाह बच्चों से छीन लेता है बचपन, कानून की जागरूकता जरूरी: एसपी विरेन्द्र जैन
बाल विवाह मुक्ति रथयात्रा को अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी

एक्सीस टू जस्टिस परियोजना के अंतर्गत 100 दिवसीय जागरूकता अभियान का द्वितीय चरण
बैतूल। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जिले में जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय से बाल विवाह मुक्ति रथयात्रा का शुभारंभ किया गया। प्रदिपन संस्था बैतूल द्वारा बाल एक्सीस टू जस्टिस परियोजना के अंतर्गत बाल विवाह मुक्ति भारत के 100 दिवसीय जागरूकता अभियान के द्वितीय चरण में इस रथयात्रा का आयोजन संस्था प्रमुख श्रीमती रेखा गुजरे के मार्गदर्शन में किया गया। बाल विवाह मुक्ति रथयात्रा को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शर्मिला बिरवाल एवं अपर कलेक्टर वंदना जाट द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी गौतम अधिकारी, वरिष्ठ समाजसेवी मीरा एंथोनी, चन्द्रप्रभा चौकीकर, गौरी बालापुरे, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर शिखा भौरासे, केस वर्कर मीरा सिंह एवं प्रिया दरवाई की उपस्थिति रही। इसके बाद रथयात्रा को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ले जाया गया, जहां पुलिस अधीक्षक विरेन्द्र जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि बाल विवाह से बच्चों का बचपन छिन जाता है और समुदाय में कानून की जानकारी के अभाव में इस तरह के अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए समुदाय स्तर पर व्यापक जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। बाल विवाह मुक्ति रथयात्रा ने ग्राम सोनाघाटी, कुप्पा एवं पिसाझोड़ी का भ्रमण किया, जहां गांवों में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को बाल विवाह रोकने का संदेश दिया गया। पूरे कार्यक्रम में प्रदिपन संस्था की टीम से जिला समन्वयक सुनील कुमार, काउंसलर दीपमाला खातरकर, टीम सदस्य अलका नागले, ज्योति बागवे, ममता पुवारे, विशाल आर्य एवं रवि शंकर चवारे की सहयोगी भूमिका रही।





