चिटकोरा प्रतियोगिता में विभिन्न मंडलों ने दिखाई पारंपरिक कला । रंग पंचमी पर ग्राम खरवार में आयोजित हुई।इनामी आदिवासी चिटकोरा प्रतियोगिता।

रातभर गूंजती रही ढोल और गीतों की थाप  । नशा-पत्ती करके आने वाले मंडलों को प्रतियोगिता से रखा बाहर।

बैतूल। तहसील शाहपुर के ग्राम खरवार में रंग पंचमी के अवसर पर आयोजित इनामी आदिवासी चिटकोरा प्रतियोगिता में आसपास के कई गांवों के मंडलों ने भाग लिया। रात 8 बजे से शुरू हुई प्रतियोगिता में समाजजन, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रतियोगिता में ढोढरामऊ, चांद किया, सांगवांनी, फोफल्या, धुत्तापूरा, रूमाकोल और टिमरनी सहित कई गांवों के मंडल पहुंचे। आदिवासी परंपरा का उत्सव बना चिटकोरा आयोजन में रातभर ढोल और गीतों की थाप गूंजती रही

प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 5100 रुपये सुनिल कलमे कृषि विस्तार अधिकारी और अनिल कलमे द्वारा रखा गया। द्वितीय पुरस्कार 3100 रुपये बिहारी चौहान, सुखदेव चौहान और लीलाधर काजले द्वारा दिया गया। तृतीय पुरस्कार 2100 रुपये मन्नुलाल लविस्कर और कमल शैलूकर द्वारा प्रदान किया गया। चतुर्थ पुरस्कार 1500 रुपये हरेसिंह लविस्कर पटेल और संजीत लविस्कर द्वारा रखा गया। पंचम पुरस्कार 1100 रुपये शिवदयाल कलमे पंच द्वारा दिया गया। षष्टम पुरस्कार 1100 रुपये प्यारसिंह कास्दे और घनश्याम काजले द्वारा रखा गया। सप्तम पुरस्कार 1100 रुपये विनोद बंधु शैलूकर और दिनेश शैलूकर द्वारा दिया गया। आठवां पुरस्कार 1100 रुपये प्रतलाल चौहान और रामजीलाल काजले द्वारा दिया गया। नवम पुरस्कार 1100 रुपये संतोष शैलूकर द्वारा और दसवां पुरस्कार 1100 रुपये परसराम धुर्वे पंच द्वारा रखा गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन केशव लविस्कर, रमेश बरखने और शैलेश कलमे ने किया। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार समिति का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य रखा गया। सभी मंडलों को रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक प्रवेश दिया गया तथा समय का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। नशा-पत्ती करके आने वाले मंडलों को प्रतियोगिता से बाहर करने का भी प्रावधान रखा गया।

– इनका रहा विशेष सहयोग

आयोजन में विशेष सहयोग देने वालों में श्री रमेश कलमे 1000 रुपये, सरवन बारस्कर 1000 रुपये, श्री सालकराम लविस्कर 1000 रुपये, सुरतराम धुर्वे 1000 रुपये, राजेन्द्र यादव 500 रुपये, रवि कलमे 500 रुपये, सुरेश अखंडे 500 रुपये, केशव लविस्कर 500 रुपये, सुरेन्द्र अखंडे 500 रुपये, विनोद कलमे 500 रुपये, श्रीमती इन्द्रवती और रामलाल चौहान 500 रुपये, अजित लविस्कर 200 रुपये, श्रीमती लालमनी और गोकल काजले 200 रुपये, श्रीमती लीलावती और किशन, मंगल कलमे 200 रुपये, दरश्यामकर 200 रुपये, श्रीमती फुलकई और श्रीराम लविस्कर 200 रुपये, श्रीमती अनिता और पतिराम काजले 200 रुपये, श्रीमती लता और कमलेश 200 रुपये, श्रीमती मंतरिया और बिसराम काजले 200 रुपये, श्रीमती फुलकीबाई और रामाधार कलमे 200 रुपये, श्री रामप्रकाश कलमे 200 रुपये, रमेश बरलने 200 रुपये, श्रीमती भागरती और प्यारेलाल कास्दे 200 रुपये, श्रीमती दुपती और जिराती काजले 200 रुपये, पुनरवती चौहान 200 रुपये तथा कमलवती और रामकिशोर अखंडे 200 रुपये शामिल रहे।

– अतिथियों के रूप में शामिल हुए बुजुर्ग

आयोजन में अतिथि बुजुर्ग गण के रूप में हरेसिंह लविस्कर पटेल, विनोद बंधु शैलूकर, श्री बलिराम लविस्कर, कमल शैलूकर, बिंसताराम कलमे, श्री मन्नूलाल लविस्कर, रामनाथ काजले, बिसना काजले, ब्रजलाल काजले, प्रतलाल चौहान, प्यारेलाल कास्दे, श्री शंकर धुर्वे, सरवन कलमे, हरिलाल लविस्कर, चतरपाल कलमे, ज्वारी काजले, रतन कलमे, रामरतन कलमे, गुलाब चौहान और सावन काजले उपस्थित रहे।

निर्णायक समिति में प्यारसिंह कास्दे, इमरत काजले, सुखन्दन यादव, ब्रजलाल काजले, प्रतलाल चौहान, रामकिशोर काजले सेल्समेन, गोतमसिंह सुहाने शिक्षक, बिहारीलाल काजले शिक्षक और सुनिल कलमे कृषि विस्तार अधिकारी शामिल रहे। कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था थाना बीजादेही के प्रभारी सहित समस्त स्टाफ द्वारा संभाली गई।

इस अवसर पर सुनील कलमे कृषि विस्तार अधिकारी, संदीप बारस्कर आदिवासी ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर, इमरत काजले उपाध्यक्ष, श्री प्यार सिंह कास्दे ब्लॉक भुमका, बिहारी काजले शिक्षक, गोतम सुहाने शिक्षक, गोलू कलमे अध्यक्ष, रमेश बरखडे़, कमलेश काजले गायक, रामचरन बारस्कर, रामकिशोर बारस्कर, रामेश्वर अखण्डे सरपंच ढोढरामऊ, बिसराम काजले उपसरपंच ढोढरामऊ, रोहित कास्दे उपाध्यक्ष, गुलशन नारके, श्री रामशंकर काजले, ईश्वर काजले गायक, श्री रंजित कलमें सरपंच टिमरनी हरेसिंह पटेल उपाध्यक्ष, केशव लविस्कर समाजसेवी, अमित शैलूकर, कमल बारस्कर, अनिल कलमे, मोहन सेठ बोड़, हरनाम सिंह बारस्कर, महेन्द्र कास्दे अतिथि शिक्षक, धनवार पंकज कास्दे उपाध्यक्ष और राहुल नारके उपस्थित रहे।

– प्रतियोगिता में शामिल हुए यह मंडल

प्रतियोगिता में जय दुर्गा चिटकोरा मंडल ढोढरामऊ, संतभावना चिटकोरा मंडल चांद किया, सीताराम चिटकोरा मंडल सांगवांनी, राधारानी चिटकोरा मंडल फोफल्या, राधाकृष्ण चिटकोरा मंडल धुत्तापूरा, आदिवासी चिटकोरा मंडल रूमाकोल, आदिवासी संस्कृति चिटकोरा मंडल खरवार, खारीदेव बाबा चिटकोरा मंडल रामापूरा, जय गुरुवा बाबा चिटकोरा मंडल टिमरनी और जय लोगंरिया सेमरपूरा के दल शामिल हुए। कार्यक्रम में ग्राम खरवार के युवा साथियों के साथ नारी शक्ति, माताएं, बहनें और बुजुर्ग महिलाएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।

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