Fake Notes : सावधान…कहीं आपके हाथ में कलर प्रिंटर से प्रिंट कर बनाया नकली नोट तो नही है

fake notes news: बैतूल। नोट का लेन-देन करने वाले जरा सावधान हो जाएं… यू-ट्यूब से सीखकर अब कलर प्रिंटर की सहायता से नकली नोट बनाए जाने लगे हैं।इसका खुलासा रविवार को मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आने वाले आमला शहर में हुआ है।
जिले के आमला नगर के बाजार में 100 रुपये का नकली नोट चलाने का प्रयास करते हुए पुलिस ने ग्राम अमनी निवासी मोहन मालवीय पिता अशोक मालवीय उम्र 27 वर्ष को पकड़ा। उसके पास से 100 रुपये के आठ नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ के बाद उसने स्वीकार किया कि कंप्यूटर और प्रिंटर की मदद से वह नोट तैयार कर रहा था। हालांकि बाजार में पहला नोट ही चलाने के दौरान वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आमला नगर में 100 रुपये का नकली नोट चलाते हुए पकड़े गए आरोपित मोहन मालवीय के पास से 100 रुपये के आठ नकली (कूटरचित) नोट बरामद हुए। जो कि भारतीय मुद्रा का कुटकरण एवं कुटरचित मुद्रा को असली मुद्रा के रूप मे चलाने का अपराध प्रथम दृष्टया पाया गया। नकली नोटो को जप्त कर आरोपित के खिलाफ धारा 489 (ख), 498 (ग) का अपराध पंजीबद्ध कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
आरोपित के द्वारा रतेडा रोड आमला स्थित किराये के घर से 100 रुपये के दो अन्य नकली नोट, 200 रुपये के नोटों की 3 छाया प्रतियां, केनन कम्पनी का प्रिंटर, जेबीएन कम्पनी का कम्प्यूटर, की-बोर्ड माउस एवं नोट छापने के लिए फोटोकापी वाले कागज जो नोटों के आकार में कटे हुए थे उन्हें बरामद किया गया। आरोपित से कुल 1000 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
इंटरनेट मीडिया से मिला आइडिया:
आरोपित मोहन ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि उसने इंटरनेट मीडिया पर नकली नोट तैयार करने के वीडियो देखे। इसके बाद कंप्यूटर, प्रिंटर के माध्यम से नोट छापने का कार्य प्रारंभ ही किया था। आरोपित ने बताया कि बाजार में यदि 100 रुपये के नोट असल जैसे ही चल जाते तो वह आने वाले दिनों में 200 और 500 रुपये के नोट भी छापकर बाजार में पहुंचा देता। हालांकि वह पहले ही प्रयास में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के द्वारा आरोपित से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि सारी हकीकत सामने आ सके।




