विवाह में पौधों की भेंट से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
सफेद लिली और तुलसी के पौधे देकर ग्रीन भेट की शुरुआत। विवाह कार्ड पर रक्तदान और पर्यावरण संदेश अंकित करने की अपील।

बैतूल। पृथ्वी दिवस के अवसर पर मां शारदा सहायता समिति ने एक अनूठी पहल करते हुए रक्तदान करने वाली बिटिया पूनम पिता प्रेमलाल टेकाम के विवाह में पौधों को विशेष उपहार के रूप में भेंट कर ग्रीन भेट की शुरुआत की। इस पहल को देखकर विवाह समारोह में उपस्थित लोग आश्चर्यचकित रह गए। पूनम समिति के एक संदेश पर थैलेसीमिया पीड़ित मासूमों के लिए नियमित रूप से रक्तदान करती रही हैं और उनका सेवाभाव उन्हें समाज में विशेष पहचान दिलाता है। उनके इसी परोपकारी स्वभाव के सम्मान में विवाह के अवसर पर समिति ने पारंपरिक उपहारों की बजाय पौधों का चयन किया।
समारोह के दौरान मंच से पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु संकट जैसे मुद्दों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि पृथ्वी दिवस वर्ष 1970 से मनाया जा रहा है और यह दिन हमें प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, टिकाऊ जीवनशैली अपनाने और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ जागरूक रहने के लिए प्रेरित करता है।
इस अवसर पर शैलेंद्र बिहारिया और पंडित श्रीराम तिवारी ने नवदंपत्ति से अपील की कि वे इन पौधों को अपने आंगन में विवाह की अनुपम स्मृति के रूप में रोपित करें। समिति द्वारा राजकीय पुष्प सफेद लिली और तुलसी के पौधे भेंट किए गए। कार्यक्रम में संतोष धुर्वे, तारण साकरे और कृष्णा चौधरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
समिति के पदाधिकारियों ने सभी से अपील की कि विवाह कार्ड में रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश अवश्य शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी की स्थिति को सभी ने देखा है, ऐसे में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए समाज को इस तरह के नवाचारी प्रयास करने की जरूरत है।




