Court Order : बच्चों की पीठ पर स्कूल के बस्ते का बोझ कम करने आज होगा मंथन
लोकोपयोगी स्थाई लोक अदालत के आदेश पर शिक्षा विभाग ने बुलाई स्कूल संचालकों की बैठक

Court Order : बैतूल। जिले में निजी स्कूलों की मनमानी के कारण बच्चों की पीठ पर बस्ते का बोझ बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर समाजसेवी राजेश मालवीय ने अधिवक्ता गिरीश गर्ग के माध्यम से लोकोपयोगी स्थाई लोक अदालत के समक्ष याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए आदेश भी जारी कर दिया था। शिक्षा विभाग के द्वारा रेंडमली परीक्षण कर प्रतिवेदन स्थाई लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था। अदालत ने 26 फरवरी 2021 को आदेश जारी कर बच्चों के स्कूलों के बस्ते का बोझ कम करने का आदेश जारी किया था लेकिन आदेश का क्रियान्वयन न होने पर द्वितीय व्यवहार न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराया गया था।अब एक बार फिर से 26 जुलाई को शिक्षा विभाग के द्वारा स्कूल संचालकों की बैठक बुलाने की जानकारी अदालत में दी है।
अधिवक्ता गिरीश गर्ग ने बताया की लोक उपयोगी स्थाई लोक अदालत में समाजसेवी राजेश मालवीय ने स्कूली बच्चों के बस्तो के बढ़ते बोझ को लेकर एक परिवाद दायर किया था।जिसमे कलेक्टर समेत जिला शिक्षा अधिकारी को परिवादी बनाया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देशो के तहत पहली व दूसरी कक्षा के लिए डेढ़ किलो बस्ते का वजन होना चाहिए ।जबकि तीसरी से पांचवी कक्षा के लिए दो से तीन किलो, छटवी सातवीं कक्षा के लिए चार, किलो ,आठवी से नौवी कक्षा के लिए साढ़े चार किलो और दसवी कक्षा के लिए पांच किलो वजन निर्धारित किया गया है।
इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से जिला शिक्षा अधिकारी ने अदालत को बताया कि वे लगातार बस्तों का परीक्षण कर रहे हैं। विभाग ने चार अगस्त 2022 को 48 अशासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बस्ते के वजन का रेंडमली परीक्षण कर प्रतिवेदन स्थाई लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था। अक्टूबर 2022 में 30 विद्यालय, माह नवम्बर 2022 में 30 विद्यालय, माह दिसम्बर 2022 में 28 विद्यालय एवं माह जनवरी 2023 में 29 विद्यालयों के निरीक्षण प्रतिवेदन अदालत के सामने प्रस्तुत किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक हाईस्कूल, उ.मा.वि. एवं सी.बी.एस.ई. स्कूलों को बस्ते के वजन के लिए जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए 26 जुलाई को बैठक का आयोजन किया है। स्कूलों को भेजे पत्र में उल्लेख किया गया है कि बैतूल तहसील की शैक्षणिक संस्थाओं में मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा स्कूली बच्चों के स्कूल बैग के वजन के सम्बन्ध में जारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने और न्यायालय के निर्णय अनुसार बैतूल तहसील अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय/अर्द्धशासकीय / अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक हाईस्कूल एवं मा.वि. शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के बस्ते का वजन की प्रतिमाह जांच कर रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैतूल को उपलब्ध कराए जाने के लिए आदेशित किया गया है।




