सावधान: बोरवेल खनन कराने के 15 दिन पहले प्रशासन को देना होगा सूचना
बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन हुआ सख्त

MP News: बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। बैतूल में बोरवेल खनन करने वाले डीलर और पीएचई के अधिकारियों की बैठक में एडीएम ने कड़े निर्देश दे दिए हैं।
अनुपयोगी एवं खुले नलकूपों, बोरवेल, ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने की दुर्घटनाओं को रोके जाने के संबंध में अपर कलेक्टर बैतूल जयप्रकाश सैय्याम की अध्यक्षता में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यपालन यंत्री आरएल सैकवार, पीएचई विभाग के सभी एसडीओ एवं जिले में बोरवेल करने वाले सभी डीलर उपस्थित रहे।
बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुपयोगी एवं खुले नलकूपों/बोरवेल/ट्यूबवेल में छोटे बच्चों के गिरने की दुर्घटनाओं को रोके जाने के संबंध में जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं उनका पालन करने के लिए कहा गया। बोरवेल खनन से 15 दिन पूर्व जिला प्रशासन, पंचायत, पीएचई, नगरपालिका को लिखित में सूचना दी जाए। सभी ड्रिलिंग एजेंसी को जिले में खनन कार्य करने हेतु जिला प्रशासन में पंजीयन करना अनिवार्य होगा।
खनन स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया जाए, जिस पर ड्रिलिंग करने वाली एजेंसी का पूरा पता, खनन का समय एवं नलकूप स्वामी का नाम दर्ज हो। खनन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था हेतु तार फेंस या कोई अन्य बैरियर की व्यवस्था करनी होगी। नलकूप के चारों ओर कांंक्रीट ब्लाक सुरक्षा हेतु निर्मित करना होगा। नलकूप की केसिंग को स्टील प्लेट से वेल्ड कर कैप करना होगा। पंप को रिपेयर के दौरान नलकूप को खुला न छोड़ा जाए। एडीएम सैय्याम ने कहा कि नलकूप खनन के उपरांत चारों ओर बने गड्ढों या नालियों को पूर्णत: भरना होगा। अनुपयोगी नलकूप को मिट्टी, रेत, बोल्डर, ड्रिलिंग कटिंग से ऊपर तक भरना होगा।
नलकूप खनन कार्य पूर्ण होने के उपरांत आस-पास की भूमि को रिस्टोर करना होगा। किसी भी स्टेज पर नलकूप अनुपयोगी होने की स्थिति में नलकूप को मिट्टी से ऊपर तक भरने का का प्रमाण पत्र संबंधित एजेंसी/नलकूप स्वामी द्वारा प्रस्तुत करना होगा। रैंडम आधार पर अनुपयोगी नलकूपों का निरीक्षण पीएचई विभाग किया जाएगा। बैठक के दौरान निर्देशों का कड़ाई से पालन किए जाने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए हैं।




