huge procession: आदिवासी समाज की संस्कृति ही उसकी पहचान: मुन्नालाल वाड़िवा

म.प्र. आदिवासी विकास परिषद ने निकाली विशाल शोभायात्रा, संस्कृति और शिक्षा पर जोर

बैतूल। भैंसदेही विकासखंड में म.प्र. आदिवासी विकास परिषद और आकाश संगठन के तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। इस अवसर पर आदिवासी क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी गई और समाज के लिए कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए गए। परिषद के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल वाड़िवा ने समाज को संबोधित करते हुए शिक्षा, नशा मुक्ति और आपसी विवादों को समाज के बीच में सुलझाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज की पहचान को उसकी संस्कृति बताया और आदिवासी रीतिरिवाज के अनुसार धार्मिक संस्कारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इस शोभायात्रा में कई प्रमुख आदिवासी नेता और समाजसेवी उपस्थित थे, जिन्होंने समाज की संस्कृति को संरक्षित करने और उसे सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

समारोह के दौरान उठाए गए मुख्य मुद्दे और संकल्प

इस शोभायात्रा के माध्यम से आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति, परंपरा और रीतिरिवाजों के प्रति जागरूक किया गया। जिला अध्यक्ष मुन्नालाल वाडिवा ने कहा कि समाज की पहचान उसकी संस्कृति से होती है, इसलिए उसे बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने समाज के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा दिलाने, नशा मुक्ति अभियान चलाने और आपसी विवादों को समाज के बीच में सुलझाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में नगद भेंट देने की परंपरा को बढ़ावा देकर समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।

इस अवसर पर यह भी संकल्प लिया गया कि आदिवासी युवतियों द्वारा गैर-आदिवासी से शादी करने पर रोक लगाई जाएगी, जिससे समाज की संस्कृति को नष्ट होने से बचाया जा सके। अपने कुल देवता, ईष्ट देवता की पूजा कर और अपने घरों में दीप जलाकर समाज की रक्षा और संस्कृति को बनाए रखने के लिए समाजिक संगठनों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के अंत में एक पेड़ पुरखों के नाम लगाया गया, जो कि समाज की परंपरा और संस्कृति के प्रति आदर का प्रतीक है।

इस शोभायात्रा में म.प्र. आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष मुन्नालाल वाडिवा, आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, ब्लॉक अध्यक्ष तुलाराम उइके, सचिव सुनील सलाम, धारासिंह सलाम, दिलीप साल्वे, एकनाथ साल्वे, जनक परते, बबलू धुर्वे, नंदू आहाके, नंदू उइके, चिरोंजीलाल मावस्कर, मन्नूलाल मर्सकोले, सोनू पांसे, मानू पांसे, लिखीराम, दिलीप वाडिवा, विक्रम आहाके, गजानन नंदकुमार नर्रे, जिला सचिव पंजाब आहाके, नहल सिंह सलामे, सीलीमन कुमरे, सुधीर वाडिवा, विक्रम वाडिवा, जसु धुर्वे, अशोक उइके, जामझिरी सरपंच सहित अन्य साथी गण उपस्थित रहे।

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