केवी के बच्चों ने सीखी मराठी, सिंधी और भारतीय मसालों की भाषाई विविधता
केंद्रीय विद्यालय बैतूल में सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का सफल आयोजन

बैतूल। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय बैतूल में 21 मई से 27 मार्च तक सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का संचालन विद्यालय के प्राचार्य आरएन पांडेय के सफल मार्गदर्शन में और कार्यक्रम प्रभारी शिक्षिका सीमा साहू के नेतृत्व में किया गया। यह समर कैंप एनसीईआरटी एवं सीबीएसई की मंशा के अनुरूप भारत की भाषाई विविधता को समझने और सीखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
शिविर की शुरुआत 21 मई को समारोह पूर्वक हुई। उद्घाटन अवसर पर प्राचार्य आरएन पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पहले दिन मराठी भाषा के शब्द, वाक्य और गिनती विद्यार्थियों को सिखाई गई। इसके साथ ही महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक भी प्रस्तुत की गई।
22 मई को कक्षा छठवीं की छात्रा प्रीति हिरानी के अभिभावकों द्वारा बच्चों को सिंधी भाषा से परिचित कराया गया। उन्होंने सरल वाक्यों का प्रयोग कर संवाद अभ्यास कराया, जिससे बच्चों ने रुचि के साथ भाषा सीखी।
– सिंधी भाषा में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत सिखाया
23 मई को शिविर में सिंधी भाषा में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत गीत सिखाया गया और बच्चों ने समूह में गायन किया। 24 मई को भारत के विभिन्न प्रांतों में प्रयुक्त मसालों के नाम विभिन्न भाषाओं में बताए गए। साथ ही मसालों के उपयोग से पारंपरिक भारतीय व्यंजन बनाने की विधि भी विद्यार्थियों ने सीखी।
25 मई का दिन उत्साह से भरा रहा। इस दिन विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से अवगत कराया गया। देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ बैतूल जिले के सेनानियों पर विशेष रूप से चलचित्र दिखाया गया, जिससे विद्यार्थियों को स्थानीय इतिहास की जानकारी प्राप्त हुई। 26 मई को भारत की प्रमुख नदियों और ऐतिहासिक इमारतों पर आधारित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने विभिन्न भाषाओं में इन स्थलों की जानकारी एकत्रित की और समूह चर्चा में भाग लिया।
– मातृभाषा व भारतीय भाषाओं के महत्व को समझाया
समर कैंप का समापन 27 मई को दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति के माध्यम से किया गया, जिसमें सप्ताह भर की गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। समापन अवसर पर प्राचार्य आरएन पांडेय ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और मातृभाषा व भारतीय भाषाओं के महत्व को समझाते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। सीमा साहू ने सभी सहयोगियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार प्रकट किया, जिनकी सक्रिय भागीदारी से यह समर कैंप पूर्ण रूप से सफल रहा। शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि, समझ और सम्मान की भावना विकसित हुई।





