सीमा पर वर्षों सेवा के बाद जन्मभूमि लौटे वीर सैनिक राजेश चौधरी, स्वर्णकार समाज ने किया सम्मान

बैतूल। भारतीय सेना और उसके सैनिक सदा से ही देश के गौरव और सम्मान का प्रतीक रहे हैं। आमला की पावन भूमि भी ऐसे ही वीर सपूतों को जन्म देती रही है, जिन्होंने राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। इन्हीं वीरों में एक नाम है राजेश चौधरी का, जिन्होंने भारतीय सेना में लंबे समय तक निष्ठा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देश की सेवा की। रविवार 1 फरवरी को महार रेजीमेंट सेंटर सागर से सेवानिवृत्त होकर जब राजेश चौधरी अपनी जन्मभूमि आमला लौटे, तो यह क्षण पूरे नगर के लिए गर्व और सम्मान का अवसर बन गया।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्वर्णकार समाज समिति आमला द्वारा राजेश चौधरी का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति के सदस्यों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया और उनके द्वारा वर्षों तक देश सेवा में दिए गए योगदान के लिए सभी शहरवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया।
अपने सेवाकाल के दौरान उनकी पोस्टिंग देश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में रही, जहां उन्होंने हर दायित्व का निर्वहन निडरता, अनुशासन और निस्वार्थ भाव से किया।
स्वर्णकार समाज समिति आमला के संरक्षक अनिल सोनी पटेल ने कहा कि यह आमला शहर के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है कि हमारे बीच का एक सपूत देश की लंबी सेवा करने के बाद सुरक्षित अपने घर लौटा है। वहीं स्वर्णकार समाज आमला के अध्यक्ष लोकेश सोनी ने बताया कि समाज सदैव क्षेत्र की प्रतिभाओं और गौरवशाली व्यक्तित्वों का सम्मान करता आया है। इसी क्रम में जब राजेश चौधरी अपनी जन्मभूमि लौटे, तो समाज ने इसे अपना दायित्व समझते हुए संगठित होकर उनका स्वागत एवं सम्मान किया।
इस अवसर पर मुकेश सोनी, बंटी सोनी, पंकज सोनी, सोनू सोनी, प्रदीप सोनी, राजीव सोनी, कांतीलाल सोनी, रवि सोनी, गोलू सोनी, ललित सोनी सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर करने से पीछे नहीं हटते। ऐसे में यह समाज और नगर की जिम्मेदारी बनती है कि जब कोई सैनिक देश सेवा कर अपने शहर लौटे, तो उसका यथोचित सम्मान किया जाए और उसके प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाए।




