Major action by forest department: माकड़ा गांव में रात्रि गश्ती के दौरान वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
वाहन सहित 22 हजार रुपये मूल्य की सागौन लकड़ी की जप्त

बैतूल, 03 जून। दक्षिण वन मंडल के गश्ती दल की सतर्कता और अवैध वनोपज के व्यापार को रोकने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। शनिवार 2 जून को ताप्ती परिक्षेत्र के अंतर्गत चिखली वृत्त के ग्राम माकड़ा में (खंडवा-आशापुर मार्ग पर) रात्रि गश्ती के दौरान अवैध सागौन तस्करी का पर्दाफाश हुआ। डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. के मार्गदर्शन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी ताप्ती (सा.), सुश्री श्यामलता मरावी वनक्षेत्रपाल के निर्देशन में गश्ती दल ने तूफान क्रूजर वाहन क्रमांक एमएच 40-ए 0993 को संदेह के आधार पर रोका और तलाशी लेने पर वाहन में 07 नग सागौन लकड़ी (0.375 घनमीटर) पाई गई। जप्त की गई सागौन की लकड़ी का अनुमानित मूल्य 22 हजार रुपये आंका गया है। मौके पर मौजूद आरोपी वाहन चालक, माखन पिता महासिंह उईके, निवासी ग्राम माकड़ा को हिरासत में लेकर नियमानुसार वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। आरोपी के विरुद्ध म.प्र. वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 के तहत कानूनी कार्यवाही जारी है।
— सतर्कता से रोकी तस्करी–
इस कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक चिखली मोहम्मद इफ्तेखार खान, वनरक्षक ओमप्रकाश धोटे, शुभम राठौर, लेखराज धाकड़, नीरज काकोड़िया, और सुरक्षा श्रमिक सुखमन यादव एवं रामकिशोर की विशेष भूमिका रही। इनकी सतर्कता और तत्परता के कारण ही अवैध सागौन तस्करी को रोका जा सका। वन विभाग की इस सराहनीय कार्रवाई से वन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।




