Betul news: नपा की लापरवाही: शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का आतंक

शंकर नगर, लोहिया वार्ड क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी, मवेशियों का सड़क पर रहता है जमावड़ा


सड़क पर बैठे लगभग 70 से 80 मवेशियों की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल
बैतूल। पशुपालकों की लापरवाही और नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी के चलते शहर की सड़कें गौशाला में तब्दील हो गई हैं। शहर के प्रमुख वार्डों में दिन भर मवेशियों का जमावड़ा बना रहता है, जिसके चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, कभी तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से मवेशी घायल हो रहे हैं। वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो रहे हैं। सड़कों पर घूमते आवारा मवेशी, वाहन चालकों व राहगीरों के लिए खतरा साबित हो रहे है। बरसात के दिनों में सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा और बढ़ जाता है। सबसे अधिक समस्या नगर के शंकर नगर, लोहिया वार्ड क्षेत्र से सामने आई है। वार्ड के नागरिकों ने रात के लगभग 2 बजे सड़कों पर बैठे लगभग 70 से 80 मवेशियों की फोटो लेकर सोशल मीडिया पर वायरल की है। नागरिकों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि इन मवेशियों द्वारा सड़क पर एवं घर के सामने फैलाई गई गंदगी साफ करने में उनके घर की आधी पानी की टंकी खाली हो जाती है। वार्ड के नागरिकों ने बताया कि श्री माता मंदिर शंकर नगर के पास की सड़क पर रोजाना लगभग 70 से 80 गोवंश का जमावड़ा हो जाता है, वहां स्थित खाली जगह पर लगभग आधा ट्राली गोबर जमा हो जाता है। इसकी सफाई के लिए नपा के कोई कर्मचारी नहीं आते हैं। वार्ड के लोगों ने बताया कि वार्ड की महिला पार्षद को भी कई बार समस्या का निराकरण करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की, जिसके कारण प्रतिदिन सड़क पर विचरण कर रहे मवेशी दुर्घटना का कारण तो बन ही रहे हैं, साथ ही उस क्षेत्र में भयंकर गंदगी भी फैला रहे हैं। विदित हो कि नगर पालिका की तरफ से सड़क पर मवेशियों को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं होने से पशुपालक बेपरवाह बने हुए हैं।
— नपा की लापरवाही–
शहर की सड़कों पर आवारा पशु ‘यमराज’ बनकर घूम रहे हैं। आलम यह है कि आए दिन कोई ना कोई इनका शिकार हो रहा है। शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए सिरदर्द और जानलेवा बन रहा है। शहर का मुख्य मार्ग हो या गली मोहल्ला सब जगह आवारा पशुओं का आतंक है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
आवारा पशुओं के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कई सामाजिक संगठन जिला प्रशासन और नगर पालिका से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। मुख्य चौराहा हो या मुख्य मार्गों पर आवारा पशुओं के झुंड को अक्सर देखा जा सकता है। सबसे ज्यादा खतरा रात के समय में बना रहता है। जब वाहन चालक इन जानवरों से टकराते हैं। नपा सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला ले जाने में रुचि नहीं ले रही है।
— मवेशियों को पकड़ने नपा के पास मौजूद है वाहन–
बारिश के दिनों में सड़क सूखा होने के चलते आवारा पशुओं का जमघट लगा रहता है। सुबह हो या शाम शहर के किसी भी सड़क से गुजरें इन मवेशियों से बचकर चलना मजबूरी हो जाता है। इनके कारण कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। कई बार मवेशी के झगड़ों में आम लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। मवेशी सड़कों पर गंदगी भी कर देते हैं। इस ओर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है। नगर पालिका के पास मवेशियों को पकड़ने लाखो का वाहन भी है इसके बावजूद कार्रवाई नहीं करना समझ से परे है। पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रशासन दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। शहर का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां मवेशी का झुंड ना हो।

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