Low Turnout : काम नहीं आया स्वीप, सात मई को 76.5 प्रतिशत और पुनर्मतदान में 72.97 प्रतिशत ने किया वोट
बैतूल संसदीय क्षेत्र के चार मतदान केंद्रों पर कुल 3037 मतदाताआें में से 2181 ने ही किया मतदान

Re Poll : बैतूल। लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए स्वीप के तहत तमाम प्रयास किए गए लेकिन मात्र चार गांव के उन मतदाताओं को भी प्रशासन मतदान करने के लिए प्रेरित करने में नाकाम रहा जिनके द्वारा दो दिन पहले ही मतदान किया था।समूचे संसदीय क्षेत्र में प्रचार वाहन, बैनर, होर्डिंग्स, क्रिकेट मैच, मैराथन समेत तमाम प्रयास करने का दावा किया जाता रहा पर मतदान का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया।
बैतूल संसदीय क्षेत्र में जिन चार मतदान केंद्रों की मतदान सामग्री बस के साथ जलकर खाक हो गई थी वहां पर चुनाव आयोग के द्वारा 10 मई को पुनर्मतदान कराया गया। सात मई को इन केंद्रों पर 76.5 प्रतिशत मतदान हुआ था जो पुनर्मतदान में लुढ़ककर 72.97 प्रतिशत पर सिमट गया है। चारों केंद्रों पर कुल 3037 मतदाता में से मतदान समाप्ति तक चारों केंद्रों पर कुल 72.97 प्रतिशत ने मतदान किया।शाम छह बजे मतदान समाप्ति तक रजापुर रैयत में 68.53 प्रतिशत, डुडर रैयत में 76.62 प्रतिशत, कुंदा रैयत में 74.28 प्रतिशत और चिखली माल केंद्र पर 75.15 प्रतिशत मतदान हुआ।
सात मई को हुए मतदान की तुलना में शुक्रवार को हुए पुनर्मतदान में करीब चार प्रतिशत मतदाताओं ने भाग नहीं लिया। प्रशासन 75.15 प्रतिशत मतदाताओं के अलावा जो सात मई को छूट गए थे उनको भी पुनर्मतदान में शामिल नहीं कर पाया। यही कारण रहा कि मतदान का प्रतिशत सात मई की तुलना में करीब चार प्रतिशत कम रहा है। हालांकि मतदान प्रारंभ होते ही मतदान केंद्रों पर लगी लंबी कतार देखकर अधिकारियों के द्वारा दावा किया जा रहा था कि शत प्रतिशत से भी अधिक मतदान होगा।मतदान का समय खत्म होने पर सारे दावाें और प्रयासों की हकीकत सामने आ गई।
मध्य ऊंगली में लगाया निशान:
चार मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होने के कारण चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदाताओं के बाएं हाथ की मध्य ऊंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाया गया। इस वजह से चारों केंद्रों पर दोबारा मतदान करने वाले मतदाताओं के बाएं हाथ ही दो ऊंगलियों पर मतदान के बाद लगाया जाने वाला अमिट स्याही का निशान नजर आ रहा है।




