सुदर्शन क्रिया तनाव मुक्त जीवन की राह दिखाती है: श्रीमती रितु खंडेलवाल।

श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव पर भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु। बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, अनुभव साझा कर किया प्रेरित । आर्ट ऑफ लिविंग के निशुल्क ज्ञान मंदिरों को सहयोग देने वालों का हुआ सम्मान।

बैतूल। आध्यात्मिक गुरु एवं वसुधैव कुटुंबकम के स्वप्नदृष्टा श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्म दिवस पर आर्ट ऑफ लिविंग परिवार बैतूल के तत्वावधान में रामकृष्ण बगिया में भव्य समारोह और भजन संध्या का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आरडी पब्लिक स्कूल की निर्देशिका श्रीमती रितु खंडेलवाल ने कहा कि आंतरिक शांति, संतुलन, श्वास और मन के समन्वय के साथ सुदर्शन क्रिया तनावमुक्त जीवन जीने की दिशा दिखाती है। उन्होंने पिछले 20 वर्षों से बैतूल में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा किए जा रहे सामाजिक और संस्कारात्मक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था की कार्यशालाएं बच्चों और युवाओं को सहज, संस्कारित और तनावमुक्त जीवन जीने की राह दिखा रही हैं।

कार्यक्रम में बेंगलुरु आश्रम से पहुंचे विशिष्ट गायक आदित्य जी ने धार्मिक भजनों और सूफियाना गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हमें रास्तों की जरूरत नहीं है, हमें तेरे पैरों के निशां मिल गए जैसे गीतों पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। भजन संध्या में घोड़ाडोंगरी-शाहपुर विधायक गंगा उईके की उपस्थिति भी विशेष रही। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच बैठकर सत्संग का आनंद लिया।

– विद्यार्थियों ने साझा किए अनुभव

आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा संचालित निशुल्क श्री श्री ज्ञान मंदिर अर्जुन नगर की छात्रा कुमारी गरिमा ने गणेश वंदना पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुति दी। संस्था के विशेष इनट्यूशन प्रोग्राम से जुड़ी कुमारी चेलसी सलूजा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हाईस्कूल पूर्व परीक्षा में 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के बाद इस कार्यक्रम से जुड़ने पर उन्होंने हायर सेकेंडरी से विश्वविद्यालय स्तर तक सभी परीक्षाओं में गोल्ड मेडल हासिल किए और आज एक प्रतिष्ठित संस्थान में सेवाएं दे रही हैं। वहीं आरना श्रीवास्तव, अंशिका, यशवर्धन साठे और कृति प्रधान सहित अन्य बच्चों ने भी कोर्स के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

– वर्तमान में जीना सिखाता है आर्ट ऑफ लिविंग

कार्यक्रम का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षिका श्रीमती नीरजा शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग वर्तमान में जीना सिखाता है और खुशी केवल वर्तमान क्षण में ही मिलती है। कार्यक्रम में संस्था द्वारा संचालित तीन निशुल्क श्री श्री ज्ञान मंदिरों को सहयोग देने वाले श्रीमती मंजू अग्रवाल, केशव व्यास और काशीराम पांसे का सम्मान किया गया।

आभार प्रदर्शन डॉ अलका पांडे ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले राजेंद्र साठे, सागर हिरानी सहित समस्त आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षकों और वॉलिंटियर्स का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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