बीजेपी ने सेना के शौर्य और तिरंगे का किया अपमान: निलय डागा

सेना को पीएम के चरणों में नतमस्तक बताकर बीजेपी ने पार की बेशर्मी की हदें: निलय डागा 

बैतूल। पूर्व विधायक निलय डागा ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और उसके मंत्रियों की मानसिकता पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि अब यह साफ हो गया है कि बीजेपी सत्ता के नशे में देश की गरिमा और सेना के सम्मान को भी रौंदने से नहीं चूक रही है। उन्होंने कहा कि पहले तो मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने अपने शर्मनायक बयान में देश की बहादुर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी को पाकिस्तानी आतंकवादियों की बहन कहा। अब डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने तो सेना और सैनिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक बता कर सेना के शौर्य और तिरंगे दोनों का अपमान कर दिया है।

जबलपुर में आयोजित सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा, आज पूरा देश, देश की सेना और हमारे सैनिक भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं। इस बयान के साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह पीएम मोदी ने हाल ही में पहलगाम अटैक का बदला लिया, वह काबिल-ए-तारीफ है।

निलय डागा ने कहा कि यह बयान दर्शाता है कि बीजेपी अब देश की रक्षा करने वाले जवानों को भी पार्टी और नेता विशेष का सेवक बना कर दिखाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हैं, उनके सम्मान की बजाय बीजेपी नेता उन्हें मोदी के चरणों में झुका कर अपनी निकृष्ट सोच उजागर कर रहे हैं।

डागा ने कहा कि विजय शाह का बयान हो या जगदीश देवड़ा की शर्मनाक टिप्पणी, दोनों ही इस बात का प्रमाण हैं कि बीजेपी की मानसिकता अब गिरावट के आखिरी पायदान पर पहुंच चुकी है। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब देश की सेना भी बीजेपी की जागीर बन गई है?

डागा ने विदेश नीति को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान के साथ सीजफायर करना भारत की संप्रभुता पर चोट है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऐपल के सीईओ टिम कुक को कहा कि भारत में निवेश न करें। डागा ने तंज कसते हुए कहा कि क्या यही हैं बीजेपी के विदेशी निवेश और व्यापारिक संबंध? उन्होंने चेताया कि अगर ऐसे फैसले जारी रहे तो देश की आर्थिक प्रगति पर सीधा असर पड़ेगा।

डागा ने कहा कि बीजेपी ने सत्ता के नशे में अब सेना को भी अपनी प्रचार मशीनरी का हिस्सा बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह देश कभी उस पार्टी को माफ नहीं करेगा जो अपने राजनीतिक लाभ के लिए सैनिकों के बलिदान का भी सौदा कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही राष्ट्रवाद है, जिसमें तिरंगा पीछे और नेता आगे हो गए?

निलय डागा ने दो टूक कहा कि देश के असली हीरो वो सैनिक हैं जो सीमा पर डटे रहते हैं, न कि वो नेता जो मंच पर खड़े होकर सेना को अपने चरणों में झुकाने की कल्पना करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा को झकझोर देने वाले ऐसे बयान भारत की गरिमा और अस्मिता को ठेस पहुंचाते हैं। अब ऐसी स्थिति में बीजेपी को दोनों मंत्रियों का इस्तीफा लेकर देश और सेना से माफी मांगनी चाहिए।

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