Censure motion passed against CMO: नगर परिषद घोड़ाडोंगरी सीएमओ ऋषिकांत यादव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

जनहित के कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच बड़ा फैसला


बैतूल। नगर परिषद घोड़ाडोंगरी में शुक्रवार को आयोजित पीआईसी की बैठक में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ऋषिकांत यादव को हटाने का निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह प्रस्ताव जनहित के कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पारित किया गया है।


बैठक में ओमप्रकाश पंवार, नगर परिषद कर्मचारी को कार्य से पृथक किये जाने संबंधी आदेश निरस्त कर उन्हें पूर्वानुसार कार्य पर बहाल करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। वहीं, कर्मचारी शिवप्रकाश बिंझाडे की कार्यशैली को देखते हुए उन्हें तत्काल नगर परिषद से हटाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सीएमओ के खिलाफ यह आरोप–


नगर परिषद घोड़ाडोंगरी के अध्यक्ष मीरावंती नंदकिशोर उइके ने बताया कि सीएमओ ऋषिकांत यादव जनहित के कार्यों पर ध्यान नहीं दे रहे थे। उनके खिलाफ आरोप हैं कि वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अनदेखा कर उनका गलत उपयोग कर रहे थे। महत्वपूर्ण योजना सीएम हेल्पलाइन में पात्र हितग्राहियों की शिकायतें विलुप्त कर दी जा रही थीं और आउटसोर्सिंग श्रमिकों, पंचायतकालीन कर्मचारियों एवं नियमित कर्मचारियों द्वारा झूठी शिकायतें लगातार की जा रही थीं।
— जांच में दोषी पाए गए–


जनप्रतिनिधियों की सामूहिक शिकायत के बाद, कलेक्टर महोदय बैतूल ने जांच दल गठित किया। इस जांच में सीएमओ ऋषिकांत यादव दोषी पाए गए। इसके अलावा, गलत तरीके से नामांतरण किये जाने की प्रक्रिया के आरोप भी लगाए गए, जिसकी शिकायत भी कलेक्टर महोदय से की गई थी। जांच में भी सीएमओ की भारी अनियमितता पाई गई। कलेक्टर द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दोषी पाए जाने संबंधी प्रस्ताव आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल को प्रस्तुत किया गया। इसके बावजूद, सीएमओ ऋषिकांत यादव की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया, जिसके चलते यह निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

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