श्रीमंत डॉ. राजे मुधोजी भोंसले का ऐतिहासिक दौरा आज
राष्ट्रीय हिंदू सेना द्वारा पांढुर्णा और मुलताई में किया जाएगा भव्य स्वागत

बैतूल। छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज, श्रीमंत डॉ. राजे मुधोजी भोंसले, आज 15 अक्टूबर 2024 को बैतूल जिले के मुलताई और हिवरा आठनेर के अम्बा मंदिर में विशेष पूजन करने आ रहे हैं। श्रीमंत मुधोजी भोंसले नागपुर, सावनेर, पांढुर्णा होते हुए दोपहर करीब 3 बजे मुलताई पहुंचेंगे, जहां वे मां सूर्यपुत्री ताप्ती के प्राचीन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे हिवरा स्थित मां भवानी मंदिर में महाआरती में सम्मिलित होंगे।
श्रीमंत मुधोजी भोंसले के इस दौरे को लेकर पूरे क्षेत्र में तैयारियां जोरों पर हैं। पांढुर्णा फोरलेन पर राष्ट्रीय हिन्दू सेना और हिन्दू समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे मुलताई सर्किट हाउस पर विभिन्न धार्मिक संगठनों के साथ मुलाकात करेंगे। कुनबी समाज मंगल भवन में सूर्यपुत्री मां ताप्ती के भक्तों के साथ एक विशेष भेंट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुलताई में विशेष पूजा और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, श्रीमंत मुधोजी भोंसले शाम 6 बजे हिवरा स्थित मां तुलजा भवानी मंदिर के लिए रवाना होंगे। यहां वे संध्या 7:30 बजे आयोजित महाआरती में शामिल होंगे। इस महाआरती का आयोजन मां बगलामुखी साधक रविंद्र मनकर के निर्देशन में किया जा रहा है, जिसमें सिवनी जिले के संत शिरोमणि डॉ. सत्यनारायण गिरी गोस्वामी महाराज अपने दिव्य वैदिक मंत्रों से पूजन संपन्न कराएंगे।
यह विशेष पूजन शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद किया जा रहा है, जो शुक्ल पक्ष की एकम से शुरू होकर शरद पूर्णिमा तक चलता है। इस अवधि में मां ताप्ती और मां तुलजा भवानी की भक्ति का विशेष महत्व होता है। महाआरती के बाद, श्रीमंत मुधोजी भोंसले 8:15 बजे नागपुर के लिए वापस प्रस्थान करेंगे।
मां सूर्यपुत्री ताप्ती के उद्गम स्थल, मुलताई, को लेकर प्रशासन द्वारा दस्तावेजों के आधार पर इस क्षेत्र को संरक्षित और संधारित करने के प्रयास जारी हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बैतूल के निर्देश पर इस संबंध में एक जांच दल गठित किया गया है। श्रीमंत मुधोजी भोंसले के आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में अत्यधिक उत्साह है। मां तुलजा भवानी और मां ताप्ती के अनन्य उपासक माने जाने वाले श्रीमंत भोंसले का यह दौरा धार्मिक संगठनों और भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश की पवित्र नदियों पर सीएम मोहन यादव की विशेष टिप्पणी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को नदियों का मायका बताते हुए कहा कि नर्मदा और ताप्ती जैसी पवित्र नदियां इस प्रदेश को आनंदित करती हैं। उन्होंने कहा कि ताप्ती नदी मुलताई से निकलकर गुजरात तक जाती है,मध्यप्रदेश सहित पूरे देश को समृद्ध करती है। साथ ही, उन्होंने अमरकंटक से निकली सोन नदी का जिक्र करते हुए बताया कि यह बिहार में गंगा नदी से मिलती है और गंगा की धारा को समृद्ध करती है।




