Ramkathaa:श्रीराम कथा में सातवें दिन राम वन गमन का हुआ मर्म स्पर्शी वर्णन
ग्राम कोदारोटी में आयोजित हो रही संगीतमय श्रीराम कथा

बैतूल। ग्राम कोदारोटी में आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा में सातवें दिन शनिवार कथावाचिका साध्वी रंजना दीदी ने कहा कि जहां युद्ध ना हो वही अयोध्या है। जो घर अयोध्या बन जाए, उसकी रक्षा आठो प्रहर प्रभु श्री राम करते हैं। कथा वाचिका ने अपने मधुर कंठ से कैकई द्वारा दो वरदान, प्रभु श्री राम, माता जानकी के वनवास की विदाई को जोड़ते हुए बहुत ही करुण तथा मर्मस्पर्शी वर्णन किया तो पंडाल में मौजूद श्रोताओं के नेत्रों से आंसुओं की धारा बह निकली।

महाराज दशरथ गुरु से आज्ञा लेकर राम को युवराज बनाने की घोषणा करते हैं। पूरे अयोध्या में खुशी छा जाती है। इधर कैकेयी कोपभवन में चली जाती है और दशरथ से दो वरदान मांगती हैं कि भरत को राजगद्दी और राम को चौदह साल का वनवास। राजा दशरथ अचेत हो जाते हैं। रामजी लक्ष्मण और सीता के साथ वन को चले जाते हैं। श्रीराम वन गमन का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। शनिवार 20 जनवरी को श्री राम कथा में त्रिवेणी गौशाला के अध्यक्ष दीपक कपूर ने पहुंचकर साध्वी जी का आशीर्वाद लिया एवं कथा श्रवण की। उन्होंने कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को गौ माता की महत्ता की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि गौ माता में 84 कोटी देवी देवता निवास करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने गोपालन का महत्व समझाया।




