19 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने निकाली पेंशन रैली, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
शिवाजी ऑडिटोरियम में सभा के बाद निकली रैली, लंबित मांगों पर दिया अल्टीमेटम

बैतूल। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ मध्यप्रदेश के आह्वान पर रविवार को जिला मुख्यालय पर पेंशन रैली आयोजित की गई। दोपहर में शिवाजी ऑडिटोरियम में सभा आयोजित होने के बाद शिक्षकों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली में जिले भर से लगभग 800 अध्यापक शिक्षक संवर्ग के सदस्य शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष विनयसिंह राठौड़, लख्मीचंद लिल्होरे, राजेश गंगारे, गजेंद्र सोलंकी, दशरथ धुर्वे, जयपाल बारपेठे, विजय पंवार, महेंद्र भारती, कैलाश धाकड़, मनोज आर्य, मुकेश उपराले, महादेव कास्देकर, संजय लहरपुरे, श्रीमती मंजुला बौरासी, श्रीमती कुसुम साबले, इंद्रजीत सिंह कश्यप, देवानंद धुर्वे, हेमराज बेले, जितेंद्र वागद्रे, सुनिल आर्य और काशीराम बिहारे ने कहा कि अध्यापक शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
– पेंशनरों की 19 सूत्रीय मांगे
ज्ञापन में प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करते हुए पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ देने, एक जनवरी 2026 से आठवां वेतनमान लागू करने, एनपीएस कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने और गुरुजियों को प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता देने की मांग की गई। जनजाति कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज करने, सितंबर 2022 की हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान करने, रिक्त पदों के 50 प्रतिशत पर पदोन्नति देने और तीन संतान वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्रवाई से मुक्त करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अलावा कैशलेस मेडिकल सुविधा, विभागीय मर्ज के मामलों में क्रमोन्नति व पदोन्नति लाभ, सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना कर ग्रेच्युटी, गुरुजी व संविदा शिक्षकों को न्यूनतम वेतन, अतिथि शिक्षकों का नियमितीकरण, माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान शिक्षक पद अनिवार्य करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, शनिवार-रविवार अवकाश या अर्जित अवकाश पात्रता, सीआर मान्यता तथा ई-अटेंडेंस को सभी विभागीय कर्मचारियों पर समान रूप से लागू करने की मांग भी शामिल रही। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।




