जलीय जैव विविधता पर शोध कर राजू पिपरदे ने हासिल की पीएचडी उपाधि।
डॉ. सुखदेव डोंगरे के मार्गदर्शन में पूरी हुई शोध यात्रा।

बैतूल। शासकीय जे.एच. पीजी महाविद्यालय बैतूल के शोधार्थी राजू पिपरदे को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपनी शोध यात्रा जेएच कॉलेज रिसर्च सेंटर में डॉ. सुखदेव डोंगरे के कुशल मार्गदर्शन में पूर्ण की। उनका शोध विषय कोलार डैम (भोपाल) की विभिन्न मछली प्रजातियों की वृद्धि एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण रहा।
शोध में मछलियों की आंतरिक जैव विविधता और उनके स्वास्थ्य के बीच महत्वपूर्ण संबंध सामने आए हैं। शोध के अनुसार मछलियों के शरीर में मौजूद पॉजिटिव बायोटा उनके स्वास्थ्य और विकास को मजबूत बनाते हैं, जबकि नेगेटिव बायोटा नुकसान पहुंचाते हैं। लैक्टोबैसिलस, बेसिलस, एरोमोनास, विब्रियो, क्लॉस्ट्रीडियम, ई-कोलाई और माइक्रोकोक्स जैसे जीवाणु मछलियों के शरीर के भीतर निवास करते हुए जैविक क्रियाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह शोध जलीय जीवन संरक्षण और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उपयोगी साबित होगा।
इस उपलब्धि पर शोध मार्गदर्शक डॉ. सुखदेव डोंगरे ने राजू पिपरदे को बधाई देते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्हें बधाई देने वालों में प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे, डॉ. बीडी नागले, डॉ. मनोहर गावंडे, प्रो. संजय विश्वकर्मा, डॉ. कमलेश अहिरवार, डॉ. प्रतिभा चौरे, डॉ. किरण खातरकर, डॉ. शंकर सातनकर और डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य शामिल रहे।




