Betul news: दक्षिण बैतूल वनमंडल में वन्यजीव सप्ताह के तहत जागरूकता रैलियां और प्रतियोगिताएं आयोजित

650 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

बैतूल। वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल द्वारा 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2024 तक वन्यजीव सप्ताह का आयोजन किया गया। इस दौरान वनमंडल अंतर्गत आने वाले विभिन्न परिक्षेत्रों जैसे ताप्ती, आमला, मुलताई, आठनेर, भैसदेही और सावलमेंढा (सा.) में जागरूकता रैलियों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और आम जनता को शामिल किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश, जिसमें उन्होंने प्रकृति के साथ सामंजस्य और जैवविविधता के संरक्षण की महत्ता पर जोर दिया, पढ़कर सुनाया गया।

वन्यजीव सप्ताह के दौरान आयोजित की गई प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखा। इन प्रतियोगिताओं में चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी, गीत, कविता और रंगोली जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें 650 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया, ताकि समाज के हर वर्ग में इसके प्रति संवेदनशीलता विकसित हो।

प्रधानमंत्री मोदी के संदेश ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जैवविविधता और प्रकृति के प्रति सामंजस्य रखने का संदेश पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने जीवों के प्रति करूणा और संरक्षण की भावना पर जोर दिया। वनमंडल के अंतर्गत आयोजित जागरूकता रैली में छात्र-छात्राओं, वन कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वन अधिकारियों ने विभिन्न संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और वन्यजीवों की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार

कार्यक्रम के समापन पर प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को वन विभाग द्वारा पुरस्कृत किया गया। डीएफओ विजयानन्तम टी.आर. ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और हमें इसके लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भी वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके योगदान के लिए सराहा गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button