एनएसएस के विशेष शिविर में डिजिटल जागरूकता से गांव में किया जा रहा जनजागरण

जेएच कॉलेज की छात्र इकाई का सात दिवसीय शिविर, लक्ष्मी तरु के 51 पौधे रोपे

वरिष्ठ शिक्षाविदों और पुरस्कार प्राप्त हस्तियों ने साझा किए अनुभव

योग से सकारात्मक जीवन-दृष्टि, डिजिटल सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

बैतूल। जेएच स्नातकोत्तर शासकीय महाविद्यालय बैतूल की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) छात्र इकाई द्वारा ग्राम सिमोरी में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत विविध रचनात्मक एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिनभर चले कार्यक्रमों में योग, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल जागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों और स्वयंसेवकों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा गया।

प्रातःकालीन सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग की प्रशिक्षिका कल्पना शाह ने स्वयंसेवकों को योग, प्राणायाम तथा सकारात्मक जीवन-दृष्टि पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, योग शरीर को स्वस्थ रखने के साथ ही मन को संयमित और व्यक्तित्व को संतुलित बनाने का प्रभावी उपाय है। सत्र में स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

– 51 लक्ष्मी तरु पौधों का किया रोपण

संजय निकुंज शासकीय नर्सरी से आए नागेंद्र शरणकर ने शिविर को 51 लक्ष्मी तरु के पौधे प्रदान किए। स्वयंसेवकों ने इन पौधों को ग्राम सिमोरी के विभिन्न स्थानों पर रोपित किया। इस अवसर पर श्री नागेंद्र शरणकर ने कहा, एक-एक पौधा भविष्य की हरियाली और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प है। यदि विद्यार्थी आज पौधारोपण की आदत अपनाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।बौद्धिक सत्र में डॉ. भोलू मर्सकोले एवं प्रो. टेप सिंह मरावी ने डिजिटल जागरूकता विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के उपायों पर स्वयंसेवकों को जागरूक किया और डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग पर बल दिया।

– विभिन्न समितियों को स्मृति-चिन्ह देकर किया सम्मानित

सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्रो. ओ पी. खत्री एवं प्रो. राहुल ठाकुर की उपस्थिति में प्रारंभ हुए। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त सेवानिवृत्त प्राचार्य बाबूराव पवार, इंदिरा गांधी पुरस्कार प्राप्तकर्ता अबरार कुरैशी, प्रो. संतोष पवार, राम नारायण शुक्ला, प्रवीण परिहार, दीपाली पाण्डे सहित वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

जिला संगठक डॉ. जी पी साहू एवं कॉमर्स विभाग के प्रो. राजेश शेषकर की उपस्थिति में दलनायक, उप दलनायक, बेस्ट कैंपर तथा विभिन्न समितियों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम सफल रहा और रात्रि 10 बजे कैंप-फायर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम अधिकारी प्रो. शंकर सतनकर ने कहा, राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में जनजागरूकता फैलाना, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। विद्यार्थी जब गांव के साथ जुड़ते हैं, तभी शिक्षा का वास्तविक महत्व सिद्ध होता है।

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