750 किमी की यात्रा पूरी कर बारहलिंग पहुंची मां ताप्ती परिक्रमा पदयात्रा:
एक ही शिला पर 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन से भाव-विहोर हुए परिक्रमा वासी|

बैतूल। 30 दिनों में लगभग 750 किलोमीटर का सफर तय करते हुए मां ताप्ती के भक्तों की 19वें वर्ष की तापी परिक्रमा यात्रा मंगलवार रात बारहलिंग पहुंची। ताप्ती किनारे स्थित बारहलिंग को मुलताई से सूरत तक का सबसे सुंदर और रमणीक स्थल माना जाता है। यहां पहुंचकर बड़ी संख्या में नए यात्रियों ने दर्शन किए और एक ही शिला पर देश के पूरे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर भाव-विहोर हो गए।
बारहलिंग महान ताप्ती भक्ति और संत मौनी बाबा जी की कर्मस्थली है। मौनी बाबा जी वर्षों से यहां निवास कर मां ताप्ती के प्रति लोगों में आस्था और भाव जागृत कर रहे हैं। वर्तमान में महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां सात दिवसीय यज्ञ का आयोजन चल रहा है। शनिवार को दोपहर 2 बजे से हवन-पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्थल पर मौनी बाबा सहित अनेक शिव भक्तों का मेला लगा हुआ है। सेवा में जुटे मौनी बाबा के भक्तों ने आमजन से अपील की है कि बारहलिंग पहुंचकर शिव पूजन करें, 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें और मां ताप्ती के पावन तट की महिमा का अनुभव करें।




